नक्सलियों के आईईडी ब्लास्ट में एसआई शहीद, एक घायल

सुकमा / दोरनापाल. जिले के चिंतागुफा व चिंतलनार क्षेत्र में नक्सलियों ने बीते 12 घंटे में तीन आईईडी ब्लास्ट कर एक बार फिर अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है़  सोमवार को जहां सड़क निर्माण में लगे जवानों को निशाना बनाया था, वहीं मंगलवार को प्रदेश के गृहमंत्री रामसेवक पैकरा के प्रवास से ठीक दो घंटे पहले आईईडी ब्लास्ट कर उपस्थिति दर्ज कराई है़  नक्सलियों के इस ब्लास्ट में सीआरपीएफ 74वीं बटालियन के सब इंस्पेक्टर बीएस बिस्ट शहीद हो गये वहीं प्रधान आरक्षक जीडी सुधाकर घायल हो गये़ घायल जवान को प्राथमिक उपचार के बाद हेलीकाप्टर से जगदलपुर भेजा गया़  पुलिस अधीक्षक आईके एलेसेला ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि बुरकापाल से 74वीं बटालियन की एक टुकड़ी एरिया डॉमिनेशन पर निकली थी़  सुबह करीब 5 बजे कैंप से कुछ दूरी पर ही सब इंस्पेक्टर बीएस बिस्ट नक्सलियों द्वारा लगाये गये प्रेशर आईईडी ब्लॉस्ट की चपेट में आने से शहीद हो गये. वहीं पीछे चल रहे प्रधान आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया़
मंगलवार की दोपहर कोन्टा विकासखण्ड के मराईगुड़ा-गोलापल्ली मार्ग पर हुए आईईडी ब्लास्ट में सीआरपीएफ 217 वाहिनी का जवान प्रभाकर यादव गंभीर रूप से घायल हो गया़  आईईडी की चपेट में आने से जवान का दाहिना पैर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है़ घायल जवान को तेलंगाना राज्य के भद्राचलम में भर्ती किया गया.

एटीएम फ्राड: गिरोह को दबोचने पुलिस झारखंड रवाना

रायपुर.  राजधानी समेत प्रदेश के कई जिलों में एटीएम कार्ड का पासवर्ड पूछकर खाते से आॅनलाइन शॉपिंग करने वाला बड़ा गिरोह पुलिस की नजर में आ गया है. गिरोह झारखंड से संचालित हो रहा है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.  बता दें कि पिछले 6 महीने में प्रदेश में लगभग एक करोड़ रुपए की आॅनलाइन ठगी के मामले सामने आए हैं. जिसके पीड़ित लोगों में अंबेडकर अस्पताल के डॉक्टर दंपत्ति और सीएम हाउस में तैनात आरक्षक भी शामिल है. पुलिस को पड़ताल में पता चला है कि जिन खातों से पैसे का ट्रांजेक्शन हुआ है, उनसे घर के राशन से लेकर कीमती इलेक्ट्रानिक सामान खरीदे गए हैं. गिरोह दिखावे के लिए छोटा-मोटा धंधा गांव में करता है.  दरअसल, एटीएम फ्रॉड करने वाले गिरोह के संबंध में पुलिस को लंबे समय के बाद एक बड़ा इनपुट मिला है. पिछले कुछ महीनों से रोज एटीएम ठगी के मामले सामने आने पर पुलिस भी हरकत में आई. गैंग को ट्रेस आउट करने के बाद पुलिस उसे दबोचने के लिए झारखंड रवाना हो गई. वहां से इसी हफ्ते टीम लौटेगी और मामले का जल्द ही पदार्फाश किया जाएगा. देवेंद्रनगर टीआई कलीम खान मामले को लीड कर रहे हैं. टीम का गठन एसपी ने किया है. इसके अलावा टीम से एसपी खुद पूरे मामले की जानकारी ले रहे हैं. मामला बड़ा होने के चलते राजधानी पुलिस झारखंड पुलिस से भी ठगों को पकड़ने के लिए मदद लेगी. झारखंड पुलिस से भी संपर्क किया गया है.

संडे को जंगल सफारी देखने उमड़े लोग

रायपुर.  संडे को  जंगल सफारी में भारी भीड़ रही. शाम 5 बजे तक यहां करीब 1800 लोगों ने भ्रमण किया. हालत ये थी 500 से अधिक लोगों को टिकट नहीं मिली. वे लोग नाराज होकर नारेबाजी करने लगे.  एक नवंबर को राज्योत्सव के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नया रायपुर में जंगल सफारी का लोकार्पण किया था. प्रदेश का यह पहला जंगल सफारी है. इस नाते उम्मीद की जा रही है कि यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आएंगे. शुरूआती दिनों में जंगल सफारी देखने कम ही लोग पहुंचे लेकिन अब वहां पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. रविवार 20 नवंबर को जंगल सफारी का नजारा देखने लायक था. वन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि रविवार को जंगल सफारी में पर्यटकों की संख्या 1793 रही.

नोटबंदी से किसानों को भुगतान नहीं, बैंकों से बैरंग लौट रहे

रायपुर.  प्रदेश में नोटबंदी का असर धान खरीदी पर पड़ता नजर आ रहा है. सरकारी दावों के बावजूद धान बेचने वाले किसानों को बैंकों से भुगतान में दिक्कतें सामने आ रही है. उपार्जन केन्द्रों में आॅनलाइन व्यवस्था चरमरा जाने की वजह से दिक्कतें आई. इसके चलते कई किसानों का आंकड़ा दर्ज नहीं हो पाया. पावती लेकर घूम रहे किसानों ने बैंकों से बैरंग लौटाने की शिकायत की है. इधर, मार्कफेड एवं राज्य सहकारी बैंक का दावा है कि किसानों के खाते में पूरी राशि जमा करा दी गई है. प्रदेश में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने से पहले ही उपार्जन केन्द्रों में आॅनलाइन आंकड़े दर्ज करने वाले कम्प्यूटर आपरेटर हड़ताल पर चले गए. इसका असर खरीदी के बाद किसानों को भुगतान पर भी पड़ा है. समितियों की ओर से मैनुअल आंकड़े दर्ज करने के बाद किसानों को पावती दे दी गई. हालांकि मार्कफेड की ओर से वैकल्पिक तौर पर जरूर कम्प्यूटर आपरेटरों की व्यवस्था की गई लेकिन इससे कुछ ही केन्द्रों में हालात संभल पाए.

हवाई टिकटों की बुकिंग अटकी है 30 प्रतिशत पर

रायपुर. नोटबंदी की घोषणा का पर्यटन पर सीधा प्रभाव पड़ा है. बारह दिनों बाद भी एयर ट्रेवल एजेंट्स के माध्यम से होने वाली बुकिंग भी सिर्फ 30 फीसदी पर अटकी है. ट्रेवल एजेंट्स का कहना है कि विदेश यात्राओं की बुकिंग तो 10 प्रतिशत से भी कम है.
एयर ट्रेवल एजेंट्स का कहना है कि नए नोटों पर हवाई टिकटों की बुकिंग शुरू हुई है लेकिन वह भी बहुत कम है. कारपोरेट कम्पनियां या सरकारी दौरे पर जाने वाले अफसरों की ही टिकटें बुक हो रही हैं. ट्रेवल एजेंट्स का कहना है कि सरकार ने 24 नवम्बर तक विमानन कम्पनियों को पुराने नोटों पर टिकटें बेचने की छूट दी गई है लेकिन वहां भी अब बुकिंग में कमी आई है. विमान कम्पनियां खरीदारों से पैन कार्ड की कापी, आधारकार्ड की कापी मांग रही है तथा ऐसी टिकटें नान रिफंडेबल बनाए जाने के कारण भी बुकिंग प्रभावित हुई है.  ट्रेवल एजेंट्स ने एक सवाल के जवाब में कहा कि अंतर्राष्टÑीय यात्राओं के लिए दिसम्बर में होने वाली बुकिंग पूरी तरह से बंद है. पहले जिन्होंने पूछताछ की थी वह अब टिकटें आरक्षित कराने तैयार नहीं हैं. जो भी बुकिंग आ रही है वह कार्पोरेट कम्पनियों की है. ऐसी बुकिंग भी मुद्रा के प्रवाह कम होने के कारण ज्यादा दिनों तक जारी रहने की उम्मीद कम ही है. एयर ट्रेवल एजेंट्स का मानना है कि नोटबंदी से पर्यटन उद्योग सीधे प्रभावित हुआ है. अधिकांश पर्यटक अपनी यात्राओं केलिए टिकिट बुकिंग के अलावा ज्यादातर खर्च और शॉपिंग नगदी में करते थे, इसलिए फिलहाल नई बुकिंग बंद जैसी ही है.

आलू-प्याज का धंधा 25 फीसदी नीचे आ गया पर दाम नहीं घटे

रायपुर. 500, 1000 रुपए के नोट बंद होने के बाद नकदी के संकट की वजह से रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में आलू-प्याज के कारोबार एक चौथाई रह गया है. खरीदार व्यापारियों की संख्या घटने से आलू गोदामों में सड़ रहे हैं लेकिन खुदरा कारोबारी इसकी कीमत नहीं घटा रहे हैं. उनका कहना है कि माल का संकट है, होलसेलर भी दाम नहीं घटा रहे हैं, इस वजह से दाम घटाना मुश्किल है.  खुदरा बाजार में आलू 15 से 20 रुपए किलो बिक रहा है. जबकि थोक में इसकी कीमत 10 से 13 रुपए किलो है. इससे जुडेÞ कारोबारियों ने बताया कि 500, 1000 रुपए के नोट बंद होने से इस कारोबार में नकदी का संकट बढ़ गया है. दूसरा संकट यह है कि बैंक से करेंट एकाउंट से एक सप्ताह में सिर्फ 50 हजार रुपए ही निकाले जा सकते हैं. इतने कम रुपए में कारोबार करना बहुत मुश्किल है. यहां के कारोबारी पश्चिम बंगाल और उत्तरप्रदेश से आलू मंगाते हैं. सबसे ज्यादा आलू पश्चिम बंगाल से मंगाया जाता है क्योंकि वहां का आलू स्वादिष्ट माना जाता है.

LIVE : राष्ट्रपति बनने के कुछ कदम दूर ट्रम्प, हिलेरी समर्थकों में छाई ‘खामोशी’

वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए मंगलवार को हुए मतदान के बाद रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप अपनी बढ़त बनाए हुए हैं. वह जीत से बस कुछ कदम दूर रह गए हैं. शुरुआती दौर में पिछड़ने के बाद ट्रंप अपनी डेमोक्रेट प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन के मुकाबले लगातार बढ़त बनाए हुए हैं, जिससे हिलेरी खेमे में सन्नाटा पसरा है. ‘वाशिंगटन पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने उन कुछ राज्यों में भी हिलेरी के मुकाबले बढ़त बना ली है, जहां पहले डेमोक्रेट उम्मीदवार के जीतने की संभावना जताई जा रही थी. अब तक ट्रंप को निर्वाचक मंडल के 266 वोट मिले हैं, जबकि हिलेरी के हिस्से 218 वोट आए हैं. व्हाइट हाउस की दौड़ जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को निर्वाचक मंडल के 270 वोटों की जरूरत होगी. ‘न्यूयार्क टाइम्स’ ने पहली बार अमेरिका के अगले राष्ट्रपति चुनाव के तौर पर ट्रंप की जीत की संभावना जताते हुए उन विशेषज्ञों को गलत करार दिया है, जो अब तक कांटे के मुकाबले में हिलेरी की जीत की संभावना जता रहे थे. ट्रंप एक सप्ताह पहले तक हारते नजर आ रहे थे, लेकिन अमेरिका के श्वेत लोगों, कामकाजी वर्ग व ग्रामीणों के समर्थन से उन्होंने फ्लोरिडा और अन्य महत्वपूर्ण राज्यों में बढ़त बना ली. ‘सीएनएन’ के अनुसार, वर्जीनिया, जॉर्जिया, मिशिगन, न्यू हैम्पशायर, विस्कॉन्सिन, मोंटाना, कनसास, नेब्रास्का, मिसौरी, व्योमिंग, नार्थ डकोटा, इंडियाना, केंटुकी, वेस्ट वर्जीनिया, साउथ कैलिफोर्निया, ओक्लाहोमा, लुसियाना, मिसिसिपी और इडाहो में ट्रंप की स्थिति मजबूत हुई. ट्रंप के पक्ष में पड़े वोट लोगों में सत्ता विरोधी लहर की ओर संकेत करते हैं, जो बदलाव के मूड में थे. उन राज्यों और काउंटियों में भी ट्रंप के पक्ष में वोट पड़े, जहां लोगों ने चार साल पहले मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा के लिए मतदान किया था. विशेषज्ञ जनता की मानसिकता में हुए इस बदलाव के कारण तलाशने में जुटे हैं.

राजकोट टेस्ट : टीम इंडिया को तीसरी सफलता, अश्विन को मिला दूसरा विकेट

राजकोट. राजकोट में पहली बार कोई टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. 3 स्पिनर्स के साथ उतरी टीम इंडिया ने पहले ही सत्र में इंग्लैंड के तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया. पहले सत्र का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने 102 रन पर 3 विकेट गंवा दिए. सत्र की आखिरी गेंद पर अश्विन ने बेन डकेट को पवेलियन भेजा. इससे पहले हमीद 31 रन बनाकर अश्विन की गेंद पर पगबाधा आउट हुए.  कप्तान एलेस्टर कुक 21 रन बनाकर रविंद्र जडेजा शिकार बने. भारत के पास पिछली हार चुकाने का बेहतरीन मौका है. इग्लैंड के लिए फिलहाल जो रूट 35 रन बनाकर खेल रहे हैं. भारत के लिए अश्विन ने 2 और जडेजा ने एक विकेट लिया है. 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ मिली हार भारत की घरेलू धरती पर आखिरी टेस्ट हार रही. उसके बाद भारत ने घरेलू श्रृंखलाओं में आस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका और हाल ही में न्यूजीलैंड को मात दी है. कुक का मानना है कि उनकी टीम के सामने मुश्किल चुनौती है. हालांकि चेतेश्वर पुजारा और रविंद्र जडेजा घरेलु मैदान पर कमाल करने के इरादे से उतरेंगे. अश्विन के सामने कुक, डकेट, स्टोक्स, अली और ब्रॉड के रूप में 5 लेफ्टी होंगे. अश्विन सभी के लिए मुश्किल चुनौती बनकर उभरेंगे. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने  बीसीसीई की याचिका की सुनवाई करते हुए राजकोट टेस्ट के लिए लगभग 59 लाख रुपये रिलीज करने की अनुमति दे दी. इसके बाद फंड की कमी के कारण टेस्ट मैच के आयोजन पर मंडरा रहे संकट के बादल छट गए. इस मैच में DRS प्रणाली की प्रयोग किया जा रहा है.
टीमें -:
भारत – विराट कोहली (कप्तान), मुरली विजय, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, रविचंद्रन अश्विन, रिद्धिमान साहा, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद समी, उमेश यादव, अमित मिश्रा.
इंग्लैंड – एलिस्टर कुक (कप्तान), हासिब हमीद, जोए रूट, बेन डकेट, जॉनी बेयरस्टो, क्रिस वोक्स, जफर अंसारी, आदिल राशिद, स्टुअर्ट ब्रॉड.

500, 1000 रुपये के नोट बंद होने के बाद उप्र में हाई अलर्ट

लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने की घोषणा किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित सभी जिलों में हाई अलर्ट घोषित किया है. पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद ने जिला पुलिस प्रमुखों को मॉल, पेट्रोल पम्पों, सीएनजी स्टेशनों, दवा की दुकानों पर पुलिस बल तैनात करने व पेट्रोलिंग बढ़ाने का आदेश दिए हैं. बड़े पुलिस अधिकारियों को सड़क पर गश्त करने की हिदायत दी गई है. पुलिस अधिकारियों से कहा गया है कि 11 नवंबर तक पेट्रोल पंप, दवा की दुकानों पर 1,000 और 500 रुपये के नोटों का भुगतान किया जा सकेगा. रेल और बस यात्रा के दौरान भी इन नोटों का भुगतान किया जा सकेगा. लिहाजा ऐसे स्थानों पर नोक-झोंक रोकने के लिए पुलिस मुस्तैद की गई है. लखनऊ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजिल सैनी ने आईएएनएस को बताया, “सभी एसएचओ व थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आने वाले एटीएम बूथ, पेट्रोल पंप व बाजारों में सुरक्षा बढ़ा दें.” उन्होंने बताया कि बैंक और डाकघरों के आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है तथा किसी भी तरह की स्थिति से निपटने का आदेश दिया गया है. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पांच सौ व एक हजार रुपये के नोट बंद करने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद गांवों में विशेष काउंटर लगाने की मांग की है. मंगलवार देर रात 10.38 बजे ट्वीट कर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को गांवों व जिला केंद्रों पर विशेष बैंकिंग काउंटर स्थापित करने चाहिए.

मोदी के फैसले पर जनता ने लगाई मुहर, बंद हुए 500-1000 के नोट

नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काले धन के खिलाफ निर्णायक जंग का एलान करते हुए आज कहा कि आधी रात से 500 और एक हजार रुपये के सभी नोट अमान्य माने जायेंगे और जिनके पास ऐसे नोट हैं वे उन्हें वे 30 दिसम्बर तक बैंकों और डाकघरों में अपने खातों में जमा करा सकेंगे. प्रधानमंत्री ने आज रात राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जरूरी है और सरकार ने इसी के तहत 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने का कदम उठाया है. लोग 500 और 1000 रुपये के नोटों को सभी बैंकों और डाकघरों में 31 दिसम्बर तक अपने खातों में जमा करा सकेंगे. विशेष परिस्थिति में इसके बाद भी आगामी 31 मार्च तक ऐसे नोट जमा कराये जा सकेंगे. लोग अपने खातों से प्रतिदिन 10 हजार और प्रति सप्ताह 20 हजार रुपये निकाल सकेंगे. कुछ स्थानों पर एटीएम नौ और 10 नवम्बर को काम नहीं करेंगे. कल सभी बैंकों में कोई सार्वजनिक कामकाज नहीं होगा. मोदी ने कहा कि 10 से 24 नवम्बर तक 4000 रुपये तक के 500 और एक हजार रुपये के पुराने नोट बदले जा सकेंगे और 25 नवम्बर से इस राशि में बढ़ोतरी की जायेगी. उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक 500 रुपये के नये नोट लायेगा और 2000 रुपये के नोट भी जारी किये जायेंगे. अभी 2000 रुपये का नोट प्रचलन में नहीं है. आम आदमी को असुविधा से बचाने के लिए 11 नवम्बर मध्य रात्रि तक सरकारी अस्पतालों , दवा दुकानों , पेट्रोल पंपों , रेल टिकट बुकिंग, हवाई टिकट , बस अड्डों और दूध डिपो पर 500 तथा 1000 रुपये के नोटों से खरीदारी की जा सकेगी. उन्होंने कहा कि 100, 50, 20,10, पांच, दो और एक रुपये के नोट तथा सभी तरह के सिक्के मान्य रहेंगे और इनसे खरीदारी की जा सकेगी. मोदी ने कहा कि चेक, बैंक ड्राफ्ट, क्रेडिट कार्ड और अन्य गैर नगदी व्यवस्था से लेन देन पहले की तरह जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि यदि 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट किसी कारणवश 30 दिसम्बर तक जमा नहीं हो पाते हैं तो लोग उन्हें 31 मार्च तक रिजर्व बैंक में जमा करा सकेंगे. अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर विदेश आने-जाने वाले लोग 5000 रुपये की राशि तक के 500 और 1000 रुपये के नोट बदल सकेंगे. बैंकों में 500 और 1000 रुपये के नोट जमा कराने के लिए व्यक्ति को अपना पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड , पैन कार्ड , वोटर कार्ड आदि दिखाना होगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी देश में प्रचलन में 80 से 90 प्रतिशत नोट 500 और 1000 रुपये के हैं और इनमें से बड़ी मात्रा में जाली हैं. उन्होंने कहा कि सीमा पार से हमारे शत्रु जाली नोटों से अपना धंधा चला रहे हैं.

आतंकवादी देश को तबाह करने के लिए जाली नोट का इस्तेमाल कर रहे हैं. आतंकवाद और जाली नोट नासूर की तरह देश को तबाह कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 500 और 1000 रुपये के नोटों का इस्तेमाल हवाला कारोबार, काला धन जमा करने तथा काले धन का चुनाव में इस्तेमाल करने और आतंकवादी गतिविधियों तथा अवैध हथियार खरीदने के लिए किया जा रहा था इसलिए भी इन्हें बंद करना जरूरी था.

मोदी ने आम जनता का आह्वान किया कि उन्होंने जिस प्रकार हाल ही में दीपावाली के त्योहार पर अपने घर और अासपास साफ-सफाई की है,उसी प्रकार से वे अब देश से काले धन, आतंकवाद और भ्रष्टाचार की सफाई के लिए इसमें योगदान दें. उन्होंने कहा कि शुरू के दिनों में लोगों को कुछ दिक्कतें हो सकती हैं लेकिन उन्हें विश्वास है कि देश का ईमानदार नागरिक भ्रष्टाचार और काले धन से मुक्ति के लिए दिक्कतों को सहन करना पसंद करेगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि देश का हर नागरिक शुचिता के इस यज्ञ में अपनी आहुति देगा. उन्होंने सभी वर्गों से आग्रह किया कि वे इस पवित्र कार्य में जितना सहयोग देंगे उतना ही शुद्धिकरण सफल होगा. भ्रष्टाचार और काले धन को जीवन का सहज अंग मान लिया गया था और भ्रष्टाचार के इस दीमक से शासन का कोई अंग अछूता नहीं रह गया था. प्रधानमंत्री ने कहा कि जीवन में कभी कभार ही इस तरह के मौके आते हैं जब हमें राष्ट्रहित में कदम उठाकर अपना योगदान देना पड़ता है. उन्होंने कहा कि सरकार इस विश्वास के साथ यह कदम उठा रही है कि सवा सौ करोड़ देशवासी भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए इस कदम में साथ देंगे और अाने वाली पीढ़ियों के लिए उज्जवल भविष्य की नींव रखेंगे. मोदी ने कहा कि उनकी सरकार के सत्ता में आने से पहले की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद भारत ने विश्व अर्थव्यवस्था में चमकते सितारे के रूप में अपनी पहचान बनायी और यह दावा केवल उसका ही नहीं बल्कि विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का भी यही कहना है. सरकार की विभिन्न योजनाओं से पता चलता है कि यह सरकार सबका साथ सबका विकास के मूलमंत्र के साथ गरीबों तथा किसानों की हितैषी रही है. उनकी सरकार के ढाई वर्षों के कार्यकाल में काले धन पर एसआईटी गठित करने, विदेशों में खातों के खुलासे से संबंधी कानून, बेनामी लेन देन पर रोक तथा काले धन की घोषणा जैसे कदमों से सवा लाख करोड़ रुपये का काला धन उजागर हुआ है. उन्होंने नागरिकों से धैर्य रखने तथा बैंकों और डाकघरों के कर्मचारियों से सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार ने यह काम बेहद गोपनीयता से किया है और विभिन्न विभागों को भी इसकी जानकारी अभी दी गयी है. उन्होंने कहा कि सरकार ने तैयारी कर रखी है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है.

प्रधानमंत्री के संदेश का मूल पाठ :- दिवाली के पावन पर्व की समाप्ति नई आशाएं और नई खुशियों के साथ हुई होंगी. आज आप सभी से कुछ विशेष निवेदन करना चाहता हूँ.
इस वार्ता में कुछ गंभीर विषय, कुछ महत्वपूर्ण निर्णय आप से साझा करूंगा. आपको ध्यान होगा कि जब आपने 2014 मई में हमें जिम्मेदारी सौंपी थी, तब विश्व की अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स के सन्दर्भ में यह आम चर्चा थी की ब्रिक्स में जो “आई” अक्षर है, वो इंडिया से जुड़ा हुआ है, लोग कहते थे ब्रिक्स में जो “आई” है, वह लुढ़क रहा है. लगातार दो साल के देशव्यापी अकाल के बावजूद भी, पिछले ढ़ाई वर्षों में सवा सौ करोड़ देशवासियों के सहयोग से आज भारत ने ग्लोबल इकॉनमी में एक “ब्राइट स्पॉट” अर्थात चमकता सितारा के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है. ऐसा नहीं है कि यह दावा हम कर रहे हैं, बल्कि यह आवाज इंटरनेशनल मोनेटरी फण्ड और वर्ल्ड बैंक से गूंज रही है.
बहनों भाइयों, विकास की इस दौड़ में हमारा मूल मंत्र रहा है “सबका साथ, सबका विकास”. यह सरकार गरीबों को समर्पित है और समर्पित रहेगी. गरीबी के खिलाफ हमारी लड़ाई का मुख्य शस्त्र रहा है – गरीबों की देश की अर्थव्यवस्था एवं सम्पन्नता में सक्रिय भागीदारी यानी गरीबों का सशक्तिकरण, गरीबों का एम्पावरमेंट. इस प्रयास की झलक आप लोगों को प्रधान मंत्री जनधन योजना, जनधन से जन सुरक्षा योजना, आर्थिक गतिविधियों के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा ऋण योजना, दलित, आदिवासी और महिला उद्यमियों के लिए स्टैंड अप इंडिया, गरीबों के घर गैस का चूल्हा पहुँचाने के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, किसानों की आमदनी सुरक्षित करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, उनको अपने खेतों से सही उपज पाने के लिए सॉइल हेल्थ कार्ड योजना और सही उपज का सही दाम पाने के लिए ई-राष्ट्रीय कृषि बाज़ार योजना–इन सब में ये साफ़ नजर आता है ये सरकार गाँव, गरीब और किसान को समर्पित है.
मेरे प्यारे देशवासियों :- पिछले दशकों में हम यह अनुभव कर रहे है कि देश में भ्रष्टाचार और कला धन जैसी बीमारियों ने अपनी जड़ें जमा लीं हैं और देश से गरीबी हटाने में भ्रष्टाचार, ये काला धन, ये गोरखधंधे सबसे बड़ी बाधा हैं. एक तरफ तो विश्व में हम आर्थिक गति में तेजी से बढ़ने वाले देशों में सबसे आगे हैं. दूसरी तरफ भ्रष्टाचार की ग्लोबल रैंकिंग में दो साल पहले भारत करीब-करीब सौवें नंबर पर था. ढ़ेर सारे कदम उठाने के बावजूद हम छिहत्तरवें नंबर पर पहुँच पाए हैं. यह इस बात को दर्शाता है कि भ्रष्टाचार और काले धन का जाल देश में कितने व्यापक रूप से बिछा है. भ्रष्टाचार की बीमारी को कुछ वर्ग विशेष के लोगों ने अपने स्वार्थ के कारण फैला रखा है. गरीबों के हक को नज़र अंदाज़ कर ये खुद फलते-फूलते रहे हैं. कुछ लोगों ने पद का दुरुपयोग करते हुए इसका भरपूर फायदा उठाया. दूसरी तरफ, ईमानदार लोगों ने इसके खिलाफ लड़ाई भी लड़ी है. देश के करोड़ों नागरिकों ने ईमानदारी को जी करके दिखाया है. हम प्रायः यह सुनते हैं कि गरीब ऑटो ड्राईवर अपनी गाडी में छूट गई सोने के आभूषण वाले बैग को उसके असली मालिक को कैसे ढूँढ कर लौटाता है, कई बार हम सुनते हैं कोई टैक्सी ड्राईवर यात्रियों का कोई सामान अगर छूट जाता है, मोबाइल फ़ोन रह जाता है तो अपने खर्चे से उनको ढूढने जाता है, और पहुंचा देता है, अरे सब्जी बेचने वाला भी, सामान्य दुकान वाला भी अगर ग्राहक से गलती से ज्यादा पैसे ले लिए तो तो उसको बुलाकर लौटा देता है.