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मौजूदा चुनौती पर कुछ नहीं बोले, संसद को विपक्ष की आलाेचना का मंच न बनायें मोदी

मोदी मौजूदा चुनौती पर कुछ नहीं बोले : सोनिया
नयी दिल्ली. संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी तथा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा के के लोकसभा में आज दिये जवाब को राजनीतिक भाषण करार दिया और कहा कि जनता के समक्ष मौजूद चुनौतियां के समाधान के बारे में कोई बात नहीं की गयी है. गांधी ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों के सवालों पर कहा “प्रधानमंत्री ने कुछ भी नया नहीं कहा. उन्होंने पुरानी बातें दोहरायी. लोग जानना चाहते हैं कि उनके रोजगार का क्या हुआ है. लोग अपने उज्ज्वल भविष्य के बारे में जानना चाहते हैं.” कांग्रेस अध्यक्ष ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा “हम प्रधानमंत्री का भाषण सुनना चाहते थे. हमने तीन सवाल पूछे हैं. प्रधानमंत्री एक घंटे से ज्यादा बोले लेकिन राफेल डील के बारे में एक शब्द नहीं कहा. राजनैतिक भाषण किया, कैंपेन स्पीच थी. मगर देश के सामने जो मुद्दे हैं उसके बारे में कुछ नहीं कहा.” उन्होंने कहा कि मोदी ने हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था लेकिन अब 24 घंटे में सिर्फ 450 युवाओं को रोजगार मिलता है. इस पर उन्होंने एक शब्द नहीं कहा. किसानों को सही दाम देने की बात है लेकिन इस पर कुछ नहीं बोले. उनका कर्ज माफ करने की बात करने की बजाय मोदी मधुमक्खी और बांस की बात कर रहे हैं. सवाल किसानों के भविष्य और उनकी रक्षा का है लेकिन प्रधानमंत्री ने इस बारे में कुछ नहीं बोला. उनका हर भाषण कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस नेताओं के बारे में होता है. गांधी ने कहा कि राफेल सौदे पर रक्षा मंत्री कहती हैं कि यह गोपनीय सौदा है और इस बारे में देश को कुछ नहीं बातएंगे. यह सबसे बड़ा सौदा है और वायुसेना की रीढ़ है. उन्होंने कहा “हम सिर्फ सवाल पूछ रहे हैं. बस ये बता दीजिए कि आपने ये डील स्वयं बदली, हाँ य़ा ना? पैसा कम दिया या ज्यादा दिया और जो परमिशन आपने लेनी थी, आपने ली, हाँ या ना? सवाल बहुत आसान है, मगर जवाब नहीं मिल रहा है.” उन्होंने कहा कि मोदी ने 70 सालों की बात की है लेकिन आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और मोदी शायद भूल गए हैं कि वह देश के प्रधानमंत्री हैं, विपक्ष के नेता नहीं. उन्होंने कहा कि “उनसे राफेल सौदे, किसानों के भविष्य और रोजगार का सवाल पूछा जा रहा है लेकिन वह जवाब नहीं दे रहे हैं. वह कांग्रेस पार्टी की बात कर रहे हैं, वो ठीक है, उसकी जगह है, मगर ये उसकी जगह नहीं. आप जनसभा में ये बात करना चाहते हैं कीजिए, मगर यहाँ पर आपको देश को जवाब देना है. यहाँ आपको आरोप नहीं लगाने हैं, यहाँ आपको देश से सवाल नहीं पूछने, यहाँ आपको देश को जवाब देना है और देश आपसे सवाल पूछ रहा है आपको जवाब देना है. किसानों का भविष्य कैसा होगा, युवाओं को आप 2 करोड़ रोजगार कैसे देंगे और राफेल डील में घपला हुआ हाँ या नहीं?”

संसद को विपक्ष की आलाेचना का मंच न बनायें मोदी: राहुल

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब को ‘राजनीतिक भाषण ’ करार देते हुए आज कहा कि उन्हें विपक्ष पर अारोप लगाने की बजाय उसके सवालों के जवाब देने चाहिए. गांधी ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा ,‘मुझे लगता है कि मोदीजी यह भूल गये हैं कि अब वह देश के प्रधानमंत्री हैं.’ उन्होंने कहा कि मोदी ने एक घंटे से भी ज्यादा लंबा भाषण दिया लेकिन किसानों की हालत और युवाओं को रोजगार देने के बारे में कुछ नहीं बोला. यह पूरीतरह राजनीतिक भाषण था. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा ,‘ मोदी को समझना चाहिए कि वह विपक्ष में नहीं हैं. लोग उनसे राफेल डील, किसानों की हालत और युवाओं के बारे में सुनना चाहते हैं. वह कांग्रेस पार्टी की आलोचना कर रहे हैं ,ठीक है लेकिन संसद इसके लिए उचित मंच नहीं है.’उन्होंने कहा कि संसद में उनसे यह उम्मीद की जाती है कि वह विपक्ष के सवालों का जवाब देेंगे न कि उसकी आलोचना करेंगे. संसद वह जगह नहीं जहां प्रधानमंत्री कांग्रेस के खिलाफ आरोप लगायें बल्कि उन्हें देश के समक्ष मौजूद ज्वलंत मुद्दों पर जनता को जवाब देना चाहिए. इस बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने मोदी का भाषण अर्धसत्य था और इसमें तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया.

बजट : गरीबों के नाम पर जुमलेबाजी, बड़ी योजनाओं में कटौती-विपक्ष
विपक्ष ने अगले वित्त वर्ष के आम बजट को निराशाजनक बताते हुए आज कहा कि यह गुजरात विधानसभा चुनावों के नतीजों की त्वरित प्रतिक्रिया है जिसमें किसानों और गरीबों के नाम पर जुमलेबाजी की गयी है जबकि कई प्रमुख योजनाओं में आवंटन में कटौती की गयी है. लोकसभा में आम बजट पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने कहा कि वस्तु एवं सेवाकर(जीएसटी) जिस रूप में मोदी सरकार ने लागू किया है उससे सबको नुकसान हुआ है. जीएसटी विधेयक में ही खामियां थी इसलिए उसे स्थायी समिति के पास भेजने की मांग की गयी थी लेकिन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया. उन्होंने कहा कि बजट में निवेश बढाने की कोई योजना नहीं है. राजकोषीय घाटा और चालू घाटा लगातार बढ रहा है और इसमें कोई प्रगति नहीं हो रही है. विनिर्माण क्षेत्र में भी सुधार नहीं हो रहा है.मोइली ने कहा कि मौद्रिक घाटा भी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की तुलना में बढा है और अब भी लगातार इसमें बढोतरी दर्ज की जा रही है तो इस स्थिति में विकास कैसे होगा. इसे रोकने के कभी उपाय नहीं किए गए और बजट में भी इस स्थिति में सुधार लाने के कदम नहीं उठाए गए हैं. सरकार की सारी परियोजनाएं अटक गयीं हैं और उन्हें निकालने के प्रयास नहीं हो रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस के नेता प्रो. सौगत राय ने कहा कि 32 पृष्ठों और 166 बिन्दुओं वाले बजट में वित्त मंत्री नोटबंदी एवं जीएसटी के नकारात्मक प्रभावों के बारे में कुछ नहीं कहा गया है. दरअसल यह बजट गुजरात के परिणाम की चेतावनी को दर्शाता है और यह उसी की त्वरित प्रतिक्रिया में आया है. उन्होंने कहा कि मूडीज़ की रेटिंग में इसे खतरनाक बताया है. प्रो. राय ने कहा कि निजी निवेश घटा है और उसी से सारी समस्या पैदा हुई है. निजी निवेश नहीं आने का कारण सांप्रदायिकता है. उन्होंने कहा, “भारत में अगर कौमी एकता नहीं होगी तो विकास नहीं होगा. अगर मंदिर वहीं बनाएंगे का नारा लगेगा तो निजी निवेशक पैसा नहीं लगाएगा.” उन्होंने कहा कि बजट में सभी प्रमुख पुरानी योजनाओं में कटौती हुई है. मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेयजल एवं स्वच्छ भारत, मध्याह्न भोजन, ग्राम ज्योति आदि योजनाओं के आवंटन में कटौती की गयी है. बजट आने के बाद शेयर बाज़ार गिर रहा है. दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर कर लगाने का नकारात्मक असर हुआ है. उन्होंने कहा कि बजट में कड़े एवं क्रांतिकारी फैसले होने चाहिए थे लेकिन जेटली चूक गये. उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना को भी जुमला करार दिया और कहा कि गरीब महिला को कनेक्शन मिल जाएगा तो वह दोबारा सिलेंडर कहां से भरवाएगी. आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को मिलने वाला मानदेय बहुत कम है. बीजू जनता दल (बीजद) के तथागत सत्पथी ने कहा कि बजट में बुलेट ट्रेन के बारे में कहा भी गया है और किया भी गया है. ट्रेनिंग सेंटर भी बनाया गया है लेकिन इससे ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ को क्या फायदा होगा. उन्होंने आंध्र प्रदेश के लिए वादे के मुताबिक प्रावधान नहीं किए जाने पर खेद व्यक्त किया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस बयान की आलोचना की कि जिसमें मोदी ने नये विचार पर बात सुनने का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा कि सदन गवाह है कि चार साल में सत्तापक्ष ने विपक्ष के एक भी सुझाव को स्वीकार नहीं किया. सत्पथी ने विमानन नीति की आलोचना करते हुए कहा कि भारत को हवाई अड्डो की नहीं बल्कि अच्छे बस स्टैंड, सुरक्षित सड़क और सडक़ किनारे चलने के लिए फुटपाथ की जरूरत है जिनके बारे में सरकार ने कुछ नहीं सोचा है. उन्होंने 250 करोड़ रुपए के कारोबार वाले उद्यमों को कर छूट को अनुचित बताया और कहा कि इससे बड़े समूहों को छोटे छोटे उपसमूह में विभाजित होकर कर बचाने का मौका मिलेगा. उन्होंने बजट का विरोध किया. अन्नाद्रमुक के एस आर विजय कुमार ने तमिलनाडु में रक्षा उद्योगों को प्राथमिकता देने, मेट्रो के चेन्नई कॉरीडोर को मंजूरी देने और किसान क्रेडिट कार्ड को मछुआरों के लिए भी देने की मांग की. उन्होंने अडयार नदी और चेन्नई के आसपास की झीलों के पुनरुद्धार के लिये भी पैसा आवंटित करने की मांग की. सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल शिवसेना के शिवाजी अधलराव पाटिल ने बजट में निजी निवेश बढ़ाने में विफल रहने का आरोप लगाया. उन्होंने 250 करोड़ रुपए के कारोबार वाले उद्यमों को कर छूट का स्वागत किया. उन्होंने रक्षा उत्पादन इकाइयों के सुधार पर बल दिया और कहा कि भारत को अपनी युवा आबादी का लाभ उठाने की वैश्विक योजना बनानी चाहिए क्योंकि इसके लिए केवल 20 साल का समय है. उन्होंने अचल संपत्ति के कारोबार को उठाने के लिए भी कदम उठाने की मांग की.

राज्यसभा टीवी के प्रसारण की जांच की मांग
राज्यसभा टीवी पर समाचारों और सदन की कार्यवाही के प्रसारण में विपक्षी सदस्यों को पर्याप्त समय नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच कराने की आज सदन में मांग की गयी. तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने सदन में कहा कि कुछ देर पहले उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लिया था लेकिन उनके भाषण का प्रारंभिक पांच मिनट का राज्यसभा टीवी पर प्रसारण नहीं किया गया. इस पर सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नवी आजाद ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और इस टीवी पर सभी पार्टी को बराबर समय मिलना चाहिए . उन्होंने कहा कि सोमवार को सदन में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह तथा उनका भाषण हुआ था और शाम आठ बजे के समाचार में 98 प्रतिशत समय केवल भाजपा अध्यक्ष को दिया गया . केवल आठ सेकेंड का समय उन्हें और आठ सेकेंड का समय विपक्ष के अन्य नेताओं को मिला. आजाद ने इस मामले की सर्वदलिय समिति से जांच कराने की मांग करने हुए कहा कि राज्यसभा टीवी को भाजपा टीवी मत बनाइयें. पीठासीन उपसभापति सत्य नारायण जाटिया ने कहा कि इस संबंध में सभापति से बातचीत की जानी चाहिए.

कांग्रेस को कोसने की बजाय अपनी असफलताएं स्वीकारें मोदी
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री रेणुका चौधरी ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हर समस्या का ठीकरा कांग्रेस के सिर फोड़ने की बजाय देश के वर्तमान हालात विशेषकर कश्मीर की स्थिति के लिए अपनी सरकार की नाकामियां स्वीकार करना चाहिए. मोदी के कांग्रेस पर देश विभाजित करने के लगाये गये आरोप पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चौधरी ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री को कश्मीर के आज के हालात की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से की जा रही गोलीबारी और आतंकवादी घटनाओं में रोज जवान और आम नागरिक मारे जा रहे हैं लेकिन सरकार कुछ भी कर पाने में असफल हो रही है. गौरतलब है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का आज जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर देश को विभाजित करने का आरोप लगाया. कांग्रेस नेता ने कहा कि किसान आत्महत्या कर रहे हैं, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहे हैं, वे दर-दर भटक रहे हैं. कश्मीर में हालात बदतर हैं. चीन बहुत आगे बढ़ आया है और रोज आंखे दिखा रहा है लेकिन केन्द्र सरकार कुछ करने के बजाय अपनी झूठी उपलब्धियों का ढिंढोरा पीट रही है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार बताये कि ‘प्रधानमंत्री पकौड़ा रोजगार योजना’ में कितनी धनराशि दी जा रही है.उन्होंने कहा कि मोदी के पास अब समय नहीं बचा है, डायलॉग बोलते रहने से काम नहीं चलने वाला, अब उन्हें कश्मीर में हालात सुधारने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए. उन्होंने कहा कि मोदी को बार-बार इतिहास को कोसने के स्थान पर भविष्य की ओर देखना चाहिए. वह भविष्य की पीढ़ी को क्या जवाब देंगे,इसकी चिंता करनी चाहिए. उन्होंने कहा, भावी पीढ़ियां हमसे भी सवाल पूछेंगी कि मोदी के कार्यकाल में जब बेरोजगारी,महंगाई चरम पर थी और कश्मीर की स्थिति बदतर हो रही थी तो कांग्रेस क्या कर रही थी. हम चिंतित हैं कि हम क्या जवाब देंगे.” कांग्रेस में एक ही परिवार की पूजा करने के मोदी के आरोप पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चौधरी ने कहा कि भाजपा में तो एक व्यक्ति की ही पूजा की जा रही है. उन्होंने कहा, “ भाजपा में ‘मोदी-मोदी’ के अलावा किसी का नाम ही नहीं लिया जाता. ”

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