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रास में 1984 के सिख दंगे से सम्बंधित सीडी पेश, गांधी परिवार पर सख्त कार्रवाई की मांग

1984 के सिख दंगों के लिए गांधी परिवार पर भी की जाए सख्त कार्रवाई

जालंधर/नयी दिल्ली/अमृतसर. अकाली दल की महिला इकाई की अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने 1984 के सिख दंगों के लिए गांधी परिवार को दोषी ठहराते हुए मांग की है कि मुख्य आरोपी जगदीश टाइटलर के साथ-साथ साजिश रचने के आराेप में गांधी-परिवार पर भी सख्त कार्रवाई की जाए. बीबी कौर ने आज यहां प्रेस वार्ता में कहा कि जगदीश टाइटलर का वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने गांधी परिवार की सरपरस्ती में एक सौ सिखों के कत्ल की बात कबूल की है. उन्होंने कहा कि वीडियो को साक्ष्य मानने हुए टाइटलर को तुरंत गिरफ्तार कर मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए. उन्होंने कहा कि इस वीडियो से कांग्रेस का दरिंदगी भरा चेहरा सामने आया है. बीबी कौर ने कहा कि सिखों के कत्ल के पीछे कांग्रेस और गांधी परिवार की गहरी साजिश थी. इंदिरा गांधी के कत्ल के पश्चात स्वर्गीय राजीव गांधी ने भी कहा था कि जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो कीड़े—मकौड़े मरते ही हैं. उन्होंने कहा कि जगदीश टाइटलर का मुंह बंद रखने के लिए ही कांग्रेस उन्हें उच्च पदों पर आसीन करती रही है. उन्होंने ने कहा कि यही कारण है कि 33 वर्ष गुजर जाने पर भी सिखों को इंसाफ नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि वह देश के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उच्चतम न्यायालय, प्रवर्तन निदेशालय और दिल्ली सरकार से मांग करती हैं कि टाइटलर को तुरंत गिरफ्तार किया जाए तथा इस मामले में गांधी परिवार की भूमिका की भी जांच करवाई जाए. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें इंसाफ न मिला तो वह इस मामले को न्यायालय भी लेकर जाएंगी.

राज्यसभा में 84 के दंगे से सम्बंधित सीडी पेश
शिरोमणि अकाली दल के सुखदेव सिंह ढींढसा ने आज राज्यसभा में 84 के सिख दंगे से सम्बंधित एक सीडी से हुए सनसनीखेज खुलासे का मुद्दा उठाया और वह सीडी सदन को सौंप दी. ढींढसा ने जब शून्य काल में यह मुद्दा उठाया तो उन्होंने कांग्रेस के दो नेताओं के भी नाम लिए जिस पर कांग्रेस सदस्यों ने तीखी आपत्ति की. सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि ढींढसा पहले इस सीडी को अभिप्रमाणित करें और तब अपनी बात कहें. कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि जब कोई मामला अदालत में विचाराधीन हो तो उस पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती और जो लोग सदन के सदस्य नहीं हैं उनका नाम नहीं लिया जा सकता. इस पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सदन में पहले भी अदालत में विचाराधीन मामलों पर चर्चा हुई है लेकिन नाम लेना नियमतः गलत है, उसे सदन के रिकार्ड में दर्ज नहीं किये जाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि ढींढसा और उनके साथ उनकी पार्टी के अन्य सदस्य उनसे उनके कक्ष में मिले थे, इसलिए उन्होंने उन्हें शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाने की अनुमति दी. उन्होंने हालांकि इस मुद्दे पर कार्यस्थगन का नोटिस दिया था. शर्मा की बात से शिरोमणि अकाली दल के सदस्य उत्तेजित हो गए और उन्होंने कांग्रेस पर तीखे हमले करते हुए कहा कि जब दंगे में सिख मारे जा रहे थे तब उन्हें नियम-कानून नज़र नहीं आये. ढींढसा ने सीडी के मुद्दे को उठाते हुए बताया कि इस सीडी में एक व्यक्ति ने 84 के दंगे में अकेले सौ सिखों को मारने की बात कही है जिसे कल टी वी चैनलों ने भी दिखाया है. उन्होंने कहा कि उस व्यक्ति ने अकेले तो इतने लोगों को नहीं मारा होगा, उसके साथ कई और लोग होंगे. उन्होंने बताया कि उस दंगे में पांच हज़ार से अधिक लोग मरे गए थे जबकि सरकारी आंकड़े भी दो हज़ार सात सौ 73 लोगों के मारे जाने के हैं. उन्होंने अपनी बात रखने के दौरान एक पूर्व प्रधानमंत्री का जिक्र किया जिस पर कांग्रेसी सदस्य भड़क गए तब नायडू ने वह नाम सदन के रिकार्ड में दर्ज न करने का निर्देश दिया. अकाली नेता ने कहा कि सीडी में उस व्यक्ति ने कांग्रेस नेताओं की जमानत मंजूर किये जाने के लिए देश की शीर्ष अदालत पर दबाव डालने का भी आरोप लगाया है. कांग्रेसी सदस्यों और अकाली सदस्यों के बीच कई बार नोक- झोंक हुई, अंत में ढींढसा ने कहा कि वह इस सीडी को प्रमाणित करते हैं और इसे सदन के पटल पर रखते हैं.

टाइटलर को बचाने के लिए कांग्रेस सरकार की शह पर सबूत हुए खुर्दबुर्द : छीना
पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पंजाब के प्रान्तीय सदस्य रजिंदर मोहन सिंह छीना ने 1984 के सिख विरोधी दंगों में अपनी भूमिका को बयान करने वाले वीडियो क्लिप सामने आने के बाद जगदीश टाइटलर को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि सीबीआई को इस संबंध में अलग प्राथमिकी दर्ज करानी चाहिए और सिख विरोधी दंगों के मामलों का सामना करने वाले टाइटलर को सलाखों के पीछे भेज देना चाहिए. सरदार छीना ने बताया कि इसमें कोई शक नहीं है कि टाइटलर ने 84 में हुए कत्लेआम के समय मासूम सिखों पर हमला करने के लिए दंगाइयों का नेतृत्व किया था. उन्होंने कहा कि गत दिनों दिल्ली में जारी हुई वीडियो क्लिप में टाइटलर ने दंगों के समय दिल्ली में सैंकड़ों सिखों के कत्ल करने का दावा किया है जिसमें राजनीति के अलावा समूह जगत का माहौल गर्मा गया है. उन्होंने पार्टी हाईकमान को भी अपील की कि वह इसके खिलाफ सख्त नोटिस ले और सिख कत्लेआम के 34 वर्षों से इंसाफ का इंतजार कर रहे पीड़ित सिख परिवारों को इंसाफ दिलाएं. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने नानावती कमीशन की स्थापना की है जिसने सिख विरोधी दंगों की जांच की लेकिन केन्द्र में लगातार कांग्रेस सरकारें दंगों में बर्बाद हुए पीडि़त परिवारों को इंसाफ देने में असफल रही. उन्होंने कहा कि सच्चाई को सामने लाने के लिए टाइटलर का पालीग्रैफिक आदि जैसे टेस्ट करवाने चाहिए. उन्होंने कहा कि टाइटलर को कांग्रेस सरकार ने इसलिए बचाया था और सबूतों को खुर्द-बुर्द किया क्योंकि इन हत्याओं के पीछे खुद कांग्रेस भी शामिल थी.

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