प्योंगयोंग ओलंपिक में साइबर हमले का संदेह, होगी जांच | Navabharat - Hindi News Website
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प्योंगयोंग ओलंपिक में साइबर हमले का संदेह, होगी जांच

प्योंगयोंग. दक्षिण कोरिया में शुक्रवार को शीतकालीन ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह के दौरान कुछ देर के लिये अचानक इंटरनेट सेवाएं बंद होने की घटना को संभावित साइबर हमले से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसकी अब आयोजक जांच कराएंगे. खेलों के प्रवक्ता सुंग बाइक यू ने शनिवार को कहा कि वह फिलहाल इस घटना के बीचे साइबर हमले की आशंका नहीं जता सकते हैं लेकिन इसकी जांच करायी जाएगी. शुक्रवार को प्योंगयोंग में शीतकालीन खेलों की शुरूआत रंगारंग और भव्य उद्घाटन समारोह के साथ हुई थी जिसमें कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने हिस्सा लिया था. साथ ही समारोह में चिर प्रतिद्वंद्वी देशों दक्षिण और उत्तर कोरिया के एथलीटों ने एक ध्वज के तले मार्च किया था. अपने परमाणु मिसाइल परीक्षणों के लिये अमेरिका सहित दुनियाभर से आलोचना और प्रतिबंध झेल रहे उत्तर कोरिया के नेता किम योंग नाम और उसके तानाशाह किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग एवं अमेरिका के उपाध्यक्ष माइक पेंस ने भी समारोह में एकसाथ हिस्सा लिया था. जहां एक तरफ दुनियाभर की निगाहें समारोह पर लगी थीं वहीं स्थानीय मीडिया ने खेलों के दौरान खेलों की वेबसाइट सहित टीवी सेटों के अचानक बंद हो जाने की सूचना दी थी और इसे साइबर हमला बताया था. हालांकि सुंग ने कहा कि बिना जांच के इसे साइबर हमला नही कहा जा सकता है. उन्होंने कहा“ हम जानते हैं कि समारोह की रात अचानक इंटरनेट सेवाएं कुछ घंटों के लिये प्रभावित हुई थीं. हम लोगों को इससे हुई तकलीफ के लिये माफी मांगते हैं. लेकिन इसकी वजह से समारोह या एथलीटाें , प्रशंसकों की सुरक्षा प्रभावित नहीं हुई.” खेल प्रवक्ता ने साथ ही कहा कि सुरक्षा विशेषज्ञ इस मामले की जांच कर रहे हैं. सुंग ने कहा“ हमारे विशेषज्ञ तकनीकी प्रणाली को लेकर काम कर रहे हैं. हम इस मामले की जांच कर रहे हैं लेकिन अभी इसे साइबर हमला नहीं कह सकते. हम जांच के बाद अधिक जानकारी साझा करेंगे. फिलहाल टूर्नामेंट निर्धारित कार्यक्रम के हिसाब से चल रहा है.” दो घंटे के उद्घाटन समारोह के दौरान ड्रोन की व्यवस्था नहीं की गयी थी और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) अब पहले से रिकार्ड की गयी फुटेज को खंगाल रहा है. शीतकालीन ओलंपिक खेल विवादास्पद उत्तर कोरिया की सीमा से केवल 80 किलोमीटर की दूरी पर ही आयोजित किये गये हैं. दोनों काेरियाई देश वर्ष 1953 के बाद से ही युद्ध जैसी स्थिति में हैं और वर्ष 2006 के बाद पहली बार एक मंच पर मार्च करते दिखाई दिये.

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