Navabharat – Hindi News Website
No Comments 12 Views

द़ कोरिया में शीतकालीन आेलंपिक खेलों में साइबर हमले की पुष्टि

प्याेंगचांग. दक्षिण कोरिया के प्याेंगचांग में शीतकालीन ओलंपिक खेलों के उद्धघाटन के मौके पर कंप्यूटर प्रणालियोें पर खेलों के आयोजकों ने साइबर हमले की पुष्टि की है. अंतरराष्ट्रीय आेलंपिक समिति के प्रवक्ता मार्क एडम्स ने आज बताया कि खेलाें का सुरक्षित संचालन ही हमारा मकसद है और खेलों से जुड़े सिस्टम्स,इंटरनेट और टेलीविजन सेवाएं दाे दिन पहले हैकर्स से प्रभावित हुई थी लेकिन इनका किसी भी प्रणाली पर काेई खास असर नहीं पड़ा है. उन्होंने बताया“ हम इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीें करने जा रहे है और इससे निपटा जा रहा है तथा हम अपनी प्रणालियों को और अधिक सुरक्षित बनाने जा रहे हैं.” यह पूछे जाने पर कि इन हमलों के पीछे किसका हाथ है तो उन्होेने कहा कि उन्हें इस बारे में निश्चित तौर पर कुछ भी पता नहीं है लेकिन अंतरराष्ट्रीय प्रकिया यही कहती है कि ऐसे किसी भी हमले के बारे में बात नहीं की जानी चाहिए. प्योंगचांग संचालन समिति के प्रवक्ता सुंग बाई यो ने पत्रकारों को बताया कि हमले से जुडे सभी मामलों को सुलझा लिया गया है और सभी सिस्टम्स रिकवर कर गए हैं. उन्होंने कहा ‘ हम इस समस्या का कारण नहीं जानते हैं लेकिन इस तरह की घटनाएं अक्सर खेलों के दौरान होती ही हैं और हमने अंतरराष्ट्रीय आेलंपिक खेल समिति के साथ मिलकर यही निश्चय किया है कि इस बारे में कोई भी खुलासा नहीं किया जाए. गाैरतलब है कि डोपिंग विवाद के चलते रूस को इन खेलों में कुछ दिन पहले ही हिस्सा लेने से मना कर दिया गया था. कुछ एजेंसियां यह भी मान रही है कि इन खेलों में खलल डालने का रूसी हैकर्स का भी हाथ हो सकता है लेकिन इस बारे में कोई भी पुष्टि नहीं हो सकी है और इन्हें निराधार बताया जा रहा है. शीतकालीन ओलंपिक खेल उत्तर कोरिया की सीमा से करीब 80 किलोमीटर की दूरी पर ही हो रहे हैं और तकनीकी रूप से दोनों कोरियाई देश वर्ष 1950-53 में युद्ध समाप्त होने के बाद से ही युद्ध जैसी स्थिति से ही गुज़र रहे हैं. हालांकि दोनेां टीमों ने उद्घाटन समारोह के दौरान एक ही झंडे तले मार्च किया था जो वर्ष 2006 के बाद यह पहला मौका था. प्योंगयोंग आयोजन समिति के प्रवक्ता सुंग बाइक यू ने पत्रकारों से कहा“ हमने सभी मामलों को सुलझा लिया है. हम अब उद्घाटन समारोह के दौरान हुई समस्या के बारे में जानते हैं और हमने आईओसी के साथ मिलकर इस बात का फैसला किया है कि हम इस हमले के स्त्रोत के बारे में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं करेंगे.” इस बीच डोपिंग के आरोपों को लेकर इन खेलों से प्रतिबंधित किये गये रूस पर भी उंगलियां उठ रही हैं जिसने उद्घाटन समारोह से कई दिन पहले ही कहा था कि प्योंगयोंग ओलंपिक खेलों पर किसी तरह के हमले के लिये रूसी हैकरों पर जो सवाल उठाये जा रहे हैं वे बेबुनियाद हैं. रूस के विदेश मंत्री ने कहा“ हम जानते हैं कि पश्चिमी मीडिया ‘रूसी फिंगरप्रिंट’ का बहाना बनाकर कोरिया में होने जा रहे शीतकालीन ओलंपिक खेलों से जुड़ी सूचना को हैक करने के लिये हमारे ऊपर जांच की योजना बना रही है. लेकिन दुनिया के सामने निश्चित ही कोई सबूत नहीं है.” इससे पहले साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं ने जनवरी में कहा था कि रूस स्थित हैकर प्येांगयोंग खेलों से रूस को बाहर किये जाने के विरोध में प्योंगयोंग ओलंपिक खेलाें के दौरान साइबर हमला करने की योजना बना रहा है. ऐसे में कई प्रायोजकों ने पहले ही साइबर हमले से सुरक्षा के लिये बीमा भी करा लिया था.

LEAVE YOUR COMMENT

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to Top