Navabharat – Hindi News Website
No Comments 12 Views

ऑनलाइन शिक्षा सुविधाजनक – कोविंद

ग्वालियर. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ऑनलाइन शिक्षा की वकालत करते हुए कहा है कि शिक्षा के केन्द्र कितने भी विशाल क्यों न हों, लेकिन उनकी भी क्षमता होती है. इसलिये ऑनलाइन शिक्षा सुविधाजनक है. कोविंद आज मध्यप्रदेश के ग्वालियर में जीवाजी विश्वविद्यालय के जिम्नेजियम हॉल में आयोजित दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा से विद्यार्थी घर बैठे कोर्स पूरा कर सकते हैं. तकनीक के प्रभाव से मानव जीवन सुगम बनने का उल्लेख करने के साथ ही उन्होंने चेताते हुए कहा कि तकनीक पर निर्भरता को इतना नहीं बढ़ाएं कि हम अक्षम ही हो जाएं. शिक्षा के क्षेत्र में बेटियाें के बेटों से आगे रहने को देश के सुनहरे भविष्य का संकेत बताते हुए उन्होंने कहा कि जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी बेटियों ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की हैं. देश की महिला क्रिकेट टीम ने देशवासियों के दिल को जीत लिया है. कोविंद ने कहा कि महिलायें उच्च शिक्षा हासिल करती हैं, तो यह अत्यंत खुशी की बात है, क्योंकि उनके अन्य पारिवारिक दायित्व भी होते हैं. उन्होंने महिलाओं में शिक्षा के प्रति जो ललक देखी है, वह सराहनीय है. अब माता-पिता बालिकाओं की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने लगे हैं. सरकारें भी बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ जैसे अभियान चला रही हैं. उन्होंने कहा कि डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने विकट परिस्थितियों में अपनी पढ़ाई की और देश के राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद पर पहुंचे. इससे साबित होता है कि उनमें शिक्षा के प्रति कितनी ललक थी. कोविंद ने कहा कि यह समय संकल्प लेने का है. इससे कठिन काम भी सरल हो जाते हैं. शिक्षा ग्रहण करने का कोई अंत नहीं है. यह पूरे जीवन भर चलने वाली सतत प्रक्रिया है, इसलिये समाज की बेहतरी के लिये इसका उपयोग किया जाए. इस अवसर पर राष्ट्रपति ने जीवाजी विश्वविद्यालय के 236 विद्यार्थियों को पीएचडी उपाधि और स्वर्ण पदक प्रदान किए. इनमें 26 छात्राओं को मिले स्वर्ण पदक शामिल हैं. साथ ही लगभग 120 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर उपाधि से विभूषित किया गया. समारोह में मध्यप्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, हरियाणा के राज्यपाल प्रो कप्तान सिंह सोलंकी, केन्द्रीय पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नगरीय विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया, विश्वविद्यालय की कुलपति श्रीमती संगीता शुक्ला आदि उपस्थित थे. समाराेह को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिये कैलेण्डर बनाया जाए. साथ ही परीक्षा एवं परीक्षा परिणाम समय से हो. इससे विश्वविद्यालय की गरिमा बढ़ेगी. विश्व रंगमंच पर तिरंगे को ऊंचा रखना चाहते हैं, तो विद्यार्थी एवं युवाओं को सक्रिय भूमिका निभानी होगी. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ईमानदारी के साथ ही दृढ़ इच्छाशक्ति रखनी होगी. अभी हम विकासशील देशों की श्रेणी में शामिल हैं. अब देश को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में लाना होगा. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि विद्यार्थी अपने ज्ञान का उपयोग समाज के हित में करें. सही इंसान वही है, जो औरों के लिये जीता है. इसलिये देश और समाज के लिये कुछ करें. कुछ लोगों में काम का इतना जज्बा होता है कि वे असंभव कार्य को भी संभव बना देते हैं. उन्होंने कहा कि यह अत्यंत खुशी की बात है कि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह का आयोजन भारतीय परिवेश में हो रहा है. पुरानी परंपरायें गुलामी का प्रतीक थीं. अब गुलामी का चोला उतारकर फेंक दिया है. उल्लेखनीय है कि कोविंद ने अपने संबोधन में छात्र-छात्राओं एवं प्राध्यापकों को भारतीय पोषाक में देखकर प्रसन्नता व्यक्त की थी.

LEAVE YOUR COMMENT

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to Top