Navabharat – Hindi News Website
No Comments 34 Views

सेनाओं के लिए खरीदी जायेंगी साढ़े सात लाख असाल्ट रायफलें

नयी दिल्ली. सरकार ने तीनों सेनाओं को अत्याधुनिक हथियारों से लैस करने की मुहिम के तहत इनके लिए 12 हजार करोड़ रूपये से अधिक की लागत से सात लाख 40 हजार असाल्ट रायफलें खरीदने कोे मंजूरी दी है. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज यहां हुई रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) की बैठक में लगभग 15 हजार 935 करोड़ रूपये के सौदों को मंजूरी दी गयी. इन सौदों में 12 हजार 280 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से तीनों सेनाओं के लिए सात लाख 40 हजार अत्याधुनिक असाल्ट रायफलें, सेना और वायु सेना के लिए 982 करोड़ रूपये की 5 हजार 719 स्नाइपर रायफलें, 1819 करोड़ रूपये से तीनों सेनाओं के लिए हल्की मशीन गन और 850 करोड़ रूपये की लागत से नौसेना के लिए अत्याधुनिक तॉरपीडो प्रणाली खरीदी जायेंगी. डीएसी ने पिछली बैठक में भी सेना के अग्रिम मोर्चे पर तैनात जवानों के लिए रायफलों, कारबाइन और हल्की मशीन गन की खरीद को मंजूरी दी थी. रक्षा सूत्रों के अनुसार असाल्ट रायफलों से तीनों सेनाओं के जवानों को लैस किया जायेगा और ये रायफलें ‘बॉय एंड मेक इंडियन’ श्रेणी के तहत आयुद्ध फैक्ट्रियों तथा निजी क्षेत्र से खरीदी जायेंगी. सरकार के इस निर्णय को जहां सेनाओं को अत्याधुनिक हथियार थमाकर मजबूत बनाने की दिशा में बडे़ कदम के रूप में देखा जा रहा है वहीं इससे सरकार की रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की योजना को भी बल मिलेगा. सरकार ने तीनों सेनाओं के लिए असाल्ट रायफलों के साथ-साथ फास्ट ट्रैक प्रक्रिया से जरूर के अनुसार अत्याधुनिक हल्की मशीन गन खरीदने की भी मंजूरी दी है. ये मशीन गन खास तौर पर सीमाओं पर तैनात सैनिकों को दी जायेंगी. इसे सेनाओं की तात्कालिक जरूरतें तो पूरी होंगी ही विभिन्न तरह के अभियान चलाने संबंधी उनकी जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी. सरकार बाकी मशीन गन की खरीद ‘बॉय एंड मेक इंडियन’ श्रेणी के तहत खरीदे जाने के प्रस्ताव पर भी विचार कर रही है. वायु सेना और सेना के जवानों को अचूक हथियार मुहैया कराने के लिए 5 हजार 719 स्नाइपर रायफलें खरीदी जायेंगी. यह खरीद ‘बॉय ग्लोबल’ श्रेणी के तहत की जायेगी लेकिन इन हथियारों के लिए गोले शुरू में खरीदे जायेंगे तथा बाद में इन्हें देश में ही बनाया जायेगा. नौसेना के युद्धपोतों की पनडुब्बी रोधी क्षमता बढ़ाने के लिए एडवांस तॉरपीडो डिकॉय सिस्टम ‘मारीछ’ की खरीद को मंजूरी दी गयी है. मारीछ प्रणाली रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने देश में ही विकसित की है. इस प्रणाली का गहन परीक्षण और जांच की गयी है जो पूरी तरह सफल रही है. यह प्रणाली भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा बनायी जायेगी. आतंकवादियों द्वारा सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाये जाने की बढती घटनाओं को देखते हुए सरकार के इस निर्णय को सैन्यकर्मियों को अत्याधुनिक हथियारों से लैस करने की दिशा में बडे कदम के रूप में देखा जा रहा है जिससे कि सैन्यकर्मी इन हमलों को विफल कर सकें तथा इनका मुंहतोड़ जवाब दे सकें.

LEAVE YOUR COMMENT

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to Top