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जमात उद दावा के मदरसे, स्वास्थ्य केंद्र सरकार के नियंत्रण में

रावलपिंडी. पाकिस्तान में पंजाब सरकार ने कुख्यात आतंकवादी हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा के रावलपिंडी स्थित मदरसों और स्वास्थ्य केंद्रों का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. ‘द डाॅन’ की रिपोर्ट के मुताबिक जिला प्रशासन ने यहां चकरा रोड पर स्थित हुदाबिया मदरसे का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है और औकाफ विभाग को इसका प्रशासन अपने हाथों में ले लेने को कहा गया है. प्रशासन ने जमात उद दावा के धर्मार्थ संगठन फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन की ओर से संचालित चार दवाखानाें के नियंत्रण भी अपने हाथों में ले लिये. जिला प्रशासन ने जमात-उद दावा के धर्मार्थ संगठन फलाह-ए- इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) द्वारा चकरा रोड, नसीराबाद और शहर से सटे इलाकों में संचालित चार स्वास्थ्य केंद्रों का भी नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया.
सरकार ने कम्पनियों और व्यक्तियों की ओर से जमात-उद दावा और फलाह-ए- इंसानियत फाउंडेशन तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा प्रतिबंधित अन्य संगठनाें को दिए जाने वाले चंदे पर भी रोक लगा दी है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने शुक्रवार को गुपचुप तरीके से एक ऐसे अध्यादेश पर हस्ताक्षर किए, जिसका मकसद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) द्वारा प्रतिबंधित व्यक्तियों और लश्कर-ए-तैयबा, अल-कायदा तथा तालिबान जैसे संगठनों पर नियंत्रण और हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा और फलाह-ए- इंसानियत फाउंडेशन के बारे में स्थिति स्पष्ट करना है. इस अध्यादेश का सबसे अधिक असर हाफिज सईद के संगठन जमात उद दावा और एफआईएफ ,अल अख्तर अौर अल राशिद ट्रस्ट पर पड़ेगा. इस अध्यादेश का मूल मकसद आतंकवादी संगठनों के बारे में संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध सूची और पाकिस्तान की सूची मेें व्याप्त असंगति को खत्म करना है .

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