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लागत मूल्य का डेढ़ गुना एमएसपी की घोषणा शीघ्र : राधामोहन

लागत मूल्य का डेढ़ गुना एमएसपी की घोषणा शीघ्र:राधामोहन
नयी दिल्ली. कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने आज कहा कि खरीफ फसलों के आने के पहले ही किसानों के लिए फसलों की लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित कर दिया जायेगा. सिंह ने फिक्की की ओर से आयोजित मक्का सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि कुछ फसलों पर कृषि लागत का डेढ गुना मूल्य दिया जा रहा है लेकिन कुछ फसलों को यह मूल्य नहीं मिल रहा है. खरीफ फसल के पहले ही सभी फसलों का बढा हुआ समर्थन मूल्य घोषित कर दिया जायेगा . इस संबंध में नीति आयोग से चर्चा की गयी है और राज्यों के साथ भी विचार विमर्श किया जायेगा. उन्होंने कहा कि मक्का का भी मूल्य उत्पादन लागत का डेढ़ गुना नहीं है. मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य उत्पादन लागत का 37 प्रतिशत ही है. इस समय मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1,440 रुपये प्रति क्विंटल है. उन्होंने कहा कि फसलों का मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे आता है तो व्यापक पैमाने पर सरकारी स्तर पर उसकी खरीद की जायेगी . इससे राजकोष पर बोझ बढेगा लेकिन लोगों को यह समझना चाहिये कि इस पर पहला अधिकार किसानों और मजदूरों का है. कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार , आन्ध्र प्रदेश , कर्नाटक , महाराष्ट्र और राजस्थान आदि राज्यों में व्यापक पैमाने पर मक्का की खेती की जाती है . उन्होंने विश्व की तुलना में प्रति हेक्टेयर मक्के की कम उत्पादकता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जहां अमेरिका में प्रति हेक्टेयर 9.6 टन प्रति हेक्टेयर से अधिक उत्पादन होता है वहीं भारत में इसका उत्पादन 2.43 टन प्रति हेक्टेयर है. भारत विश्व के पांच प्रमुख मक्का निर्यातक देशों में शामिल है. सिंह ने कहा कि देश के 28 राज्यों के 265 जिलों में मक्का उत्पादन को बढावा देने के लिए कई कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं . देश के जितने हिस्से में मक्के की खेती की जाती है उसमें से केवल 15 प्रतिशत ही सिंचित क्षेत्र है . देश में दो करोड़ 58 लाख 90 हजार टन मक्का उत्पादन होता है. उन्होंने कहा कि मक्का अनुसंधान पर विशेष बल दिया जा रहा है और अब तक कुल 280 किस्मों का विकास किया गया है . इनमें से 46 संकर किस्में हैं जबकि 19 क्वालिटी प्रोटीन मेज किस्में हैं . उन्होंने कहा कि मक्का की फसल जलवायु परिवर्तन में भी उपयुक्त है केवल इसके उत्पादन लागत को कम करने की जरुरत है.

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