Navabharat – Hindi News Website
No Comments 12 Views

टॉर्च की रोशनी में टांका लगाने के मामले में उपाधीक्षक को नोटिस

पटना. बिहार के सहरसा जिला सदर अस्पताल में करीब एक सप्ताह पूर्व पुलिस वाहन से कुचलकर घायल एक महिला को टाॅर्च की रौशनी में डॉक्टर की बजाए स्वीपर के टांका लगाने के मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लेते हुये अस्पताल के उपाधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 16 मार्च को जिले में सौर बाजार थाना क्षेत्र के कचरा गांव निवासी कौशल कुमार की वनगांव थाना क्षेत्र में रहुआ गांव के निकट सड़क हादसे में मौत हो गयी थी जबकि उनकी पत्नी रूबी कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गयी थीं. घायल महिला को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां टॉच की रोशनी में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी द्वारा उन्हें टांका लगाये जाने का मामला प्रकाश में आया. विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुये जांच प्रतिवेदन के बाद अस्पताल के उपाधीक्षक अनिल कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. तीन दिन के अंदर कार्रवाई की जाएगी. कुमार ने बताया कि विभाग को प्राप्त हुये जांच प्रतिवेदन में कहा गया है कि 16 मार्च को रूबी कुमारी को सुबह साढ़े छह बजे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनके दाहिने पैर में चोट आई थी. डॉ. रतन कुमार झा और दो नर्स स्मिता कुमारी और इंदु कुमारी की उपस्थिति में उन्हें ड्रेसिंग रूम में लाया गया. तभी अचानक बिजली जाने के कारण टॉर्च की रोशनी में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी दिलीप ने उन्हें टांका लगाया था. प्रधान सचिव ने डॉ रतन कुमार झा की बजाय उपाधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के बारे में पूछे जाने पर बताया कि अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेवारी उपाधीक्षक की होती है इसलिए इस मामले में उनकी जिम्मेवारी तय करने के लिए उन्हें नोटिस भेजा गया है. अब उपाधीक्षक अनिल कुमार की जिम्मेवारी है कि वह चिकित्सक झा और नर्सों से इस पर जवाब मांगे. कुमार ने कहा कि कभी-कभी ऐसा होता है कि बिजली चली जाती है. प्रत्येक अस्पताल में जेनरेटर की व्यवस्था है लेकिन उसे स्टार्ट करने में देर हो जाती है. विभाग ने निर्णय लिया है कि अब सभी अस्पतालों में ऑटो इग्निशन वाले जेनरेटर लगाये जाएंगे. उन्होंने इसकी समयसीमा के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वर्तमान में सभी जेनरेटर आउटसोर्स किये गये हैं इसलिए उस कंपनी को ही निर्देश दिया जाएगा कि वह इसे बदल दें. उन्होंने कहा कि वर्तमान में 9800 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हो रहे हैं. विभाग ने वैसे उपकेंद्रों की पहचान करने का निर्णय लिया है, जहां बिजली कनेक्शन नहीं है. मैपिंग के बाद उन केंद्रो पर बिजली उपलब्ध करा दी जाएगी. प्रधान सचिव ने पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में ऑक्सीजन मास्क लगे एक बच्चे को बिना स्ट्रेचर के ले जाने के मामले पर कहा कि कभी-कभी मरीज के परिजन इतनी हड़बड़ी में होते हैं वह इंतजार नहीं करते. इसका परिणाम है कि कभी शव को रिक्शा पर लेकर चले जाते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कुछ अस्पताल प्रबंधन की तो कुछ परिजनों की भी गलती होती है. उल्लेखनीय है कि 16 मार्च को सहरसा जिले के सौर बाजार थाना क्षेत्र के कचरा गांव निवासी कौशल कुमार शरण (40) अपनी पत्नी रूबी कुमारी के साथ सुबह टहलने के लिये निकले थे तभी वनगांव थाना क्षेत्र में रहुआ गांव के निकट पुलिस वाहन ने दोनों को कुचल दिया था. इस दुर्घटना में कौशल कुमार शरण की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गयी थी. सदर अस्पताल में टॉर्च की रोशनी में टांका लगाये जाने के बाद रूबी को पटना के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार को उनकी मौत हो गई थी.

LEAVE YOUR COMMENT

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to Top