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मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज दोपहर यहां निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.

छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक्स पार्क नीति 2018 का अनुमोदन किया गया. राज्य में आर्थिक विकास की गति को तेज करने के लिए माल परिवहन को सुविधाजनक और कम खर्चीला बनाने की जरूरत को ध्यान में रखकर लॉजिस्टिक्स पार्क नीति 2018 का अनुमोदन किया गया. इस नीति के क्रियान्वयन से राज्य में बेहतर लॉजास्टिक्स अधोसंरचना और सेवाओं का विकास होगा, जिनके माध्यम से ना केवल स्थानीय उद्योगों को कम लागत में मॉल परिवहन की सुविधा मिलेगी बल्कि इससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में भी वृद्धि होगी. इससे रोजगार के नये अवसरों का भी सृजन होगा. निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा. लॉजिस्टिक पार्क से आशय है- देश-विदेश अथवा राज्य की वस्तुओं और उत्पादों का उद्गम से अंतिम गंतव्य के बीच सुव्यवस्थित और संरक्षित मशीनीकृत व्यवस्थापन सेवाएं उपलब्ध कराना, जिसमें रेल, वायु और सड़क परिवहन, लोडिंग, अनलोडिंग, शेड भवन आदि शामिल हैं.

नवीन लॉजिस्टिक्स पार्क को स्थायी पूंजी निवेश अनुदान, सावधि ऋण पर ब्याज अनुदान, विद्युत शुल्क अनुदान, औद्योगिक क्षेत्रों अथवा औद्योगिक पार्कों में वेयर हाऊसिंग पर भू-आबंटन पर भू-प्रीमियम में छूट अथवा रियायत, प्रौद्योगिकी क्रय अनुदान, ई.पी.एफ. अनुदान की प्रतिपूर्ति की भी पात्रता होगी.

औद्योगिक दृष्टि से विकासशील क्षेत्रों में राज्य शासन की औद्योगिक नीति 2014-19 के अनुसार 20 एकड़ से 40 एकड़ का लॉजिस्टिक पार्क (न्यूनतम 50 हजार मैट्रिक टन भण्डारण क्षमता) में पात्र स्थायी पूंजी निवेश का 35 प्रतिशत या अधिकतम 10 करोड़ अनुदान की पात्रता होगी. 40 एकड़ से अधिक क्षेत्र में लॉजिस्टिक पार्क (न्यूनतम एक लाख मैट्रिक टन भण्डारण क्षमता) हेतु पूंजी निवेश का अधिकतम 35 प्रतिशत अथवा अधिकतम 12.50 करोड़ अनुदान मिलेगा.
विधि एवं विधायी कार्य विभाग (निर्वाचन) के अन्तर्गत मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ के कार्यालय में अतिरिक्त

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का एक पद स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया.
अन्तर्राष्ट्रीय बॉस्केटबॉल खिलाड़ी पूनम चतुर्वेदी को विशेष परिस्थितियों में सहायक ग्रेड-3 के पद पर छत्तीसगढ़ शासन में नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया. पूनम चतुर्वेदी ने विगत 8-9 वर्षों से छत्तीसगढ़ में निवास करते हुए राज्य की बॉस्केटबॉल टीम का प्रतिनिधितत्व किया है और उनके द्वारा छत्तीसगढ़ बॉस्केटबॉल टीम को विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 11 स्वर्ण, 03 रजत और 02 कांस्य पदक दिलवाने में अहम भूमिका अदा की गई है.

श्रम विभाग के अन्तर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रम अन्न सहायता योजना के क्रियान्वयन के लिए अक्षय पात्रा फाउण्डेशन की सहयोगी संस्था टच स्टोन फाउण्डेशन भिलाई का नामांकन कर उनके और श्रम विभाग के बीच 30 दिसम्बर 2017 को जो एमओयू हुआ है, उसका कार्योत्तर अनुमोदन आज की बैठक में किया गया. इस योजना के तहत वर्तमान में टच फाउण्डेशन द्वारा रायपुर शहर के तेलीबांधा, गांधी मैदान तथा उरला में, दुर्ग जिले के कुम्हारी और सुपेला में, राजनांदगांव शहर के जय स्तंभ चौक के पास स्थित चाउड़ी में तथा बिलासपुर के बृहस्पति बाजार स्थित चाउड़ी में योजना का संचालन किया जा रहा है. योजना के तहत असंगठित/निर्माण श्रमिकों को सिर्फ 5 रूपए में और संगठित श्रमिकों को सिर्फ 10 रूपए में गर्म भोजन दिया जा रहा है. रायगढ़ में भी योजना 17 मार्च 2018 को शुरू हो गई है.
राज्य योजना आयोग में अस्थाई रूप से पूर्णकालिक सदस्य का एक अतिरिक्त पद सृजित करने की स्वीकृति का अनुसमर्थन किया गया.

छत्तीसगढ़ सरकार की लॉजिस्टिक्स पार्क नीति पांच वर्ष के लिए होगी
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लॉजिस्टिक्स पार्क नीति 2018 का अनुमोदन किया गया. यह नीति नये वित्तीय वर्ष में एक अप्रैल 2018 से लागू होगी. इसकी अवधि 31 मार्च 2023 तक अर्थात पांच वर्ष के लिए निर्धारित की गयी है. इसका उद्देश्य राज्य में लॉजिस्टिक्स सेवा के क्षेत्र को विकसित करना तथा राज्य की भंडारण क्षमता में वृद्धि करना है. इस नीति से लॉजिस्टिक्स अधोसंरचना का आधुनिकीकरण एवं मशीनीकरण होने के साथ-साथ रोजगार के नये अवसरों का सृजन होगा. इस नीति से राज्य में बड़े आकार के लॉजिस्टिक्स पार्क निजी निवेश से स्थापित कराए जाएंगे. नीति में लॉजिस्टिक्स पार्क को उद्योग का दर्जा देते हुए आकर्षक निवेश प्रोत्साहन दिए गए हैं. नीति के तहत प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए न्यूनतम 50 हजार मेट्रिक टन भण्डारण क्षमता का लॉजिस्टिक्स पार्क 30 माह के भीतर बनाना जरूरी होगा. इसमें राज्य के स्थानीय नागरिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की औद्योगिक नीति की शर्त यथा अकुशल श्रेणी में न्यूनतम 90 प्रतिशत, कुशल श्रेणी में न्यूनतम 50 प्रतिशत एवं प्रबंधकीय/प्रशासकीय श्रेणी में न्यूनतम 33 प्रतिशत रखना होगा. लॉजिस्टिक्स पार्क के डेव्हलपर को पार्क का संचालन और संधारण कम से कम दस वर्ष तक स्वयं करना होगा. प्रत्येक जिले में केवल एक पार्क को नीति में घोषित अनुदान छूट एवं रियायतों की पात्रता होगी. लॉजिस्टिक्स पार्क के अंतर्गत निम्नांकित न्यूनतम घटक अपेक्षित है:-अनिवार्य अधोसंरचना के अंतर्गत भूमि और भूमि विकास, पहुंच मार्ग, विद्युत आपूर्ति, जल आपूर्ति, आंतरिक सड़कें और नालियां, लॉजिस्टिक्स अधोसंरचना, प्लांट एवं मशीनरी (यांत्रिक सुविधाएं), आधारभूत अधोसंरचना और साईलो का निर्माण. लॉजिस्टिक्स सेवाओं के अंतर्गत माल परिवहन, लोडिंग, अनलोडिंग, वेयर हाऊसिंग, कस्टम एवं अन्य क्लियरेंस, असेम्बलिंग ऑफ गुड्स, टेक्निकल टेस्टिंग, क्वालिटी इंस्पेक्शन, सप्लाई चेन प्रबंधन, नाप-तौल व्यवस्था, पैकिंग और रिपैकिंग की व्यवस्था, बीमा एवं अन्य सुसंगत वित्तीय सहयोगी सेवाएं तथा एयर कार्गो. इस नीति के अन्य महत्वपूर्ण आकर्षक प्रावधान इस प्रकार होंगे-
1. नवीन लॉजिस्टिक्स पार्क को दिए जाने वाले अनुदान तथा छूट व रियायतें-स्थायी पूंजी निवेश अनुदान के तहत स्थायी पूंजी निवेश का 35 प्रतिशत, जिसकी अधिकतम सीमा 10 करोड़ से 15 करोड़ रूपए होगी.
2. ब्याज अनुदान-लॉजिस्टिक्स नीति के तहत छह वर्ष से सात वर्ष तक कुल भुगतान किए गए ब्याज का 50 से 60 प्रतिशत अधिकतम सीमा 60 लाख से एक करोड़ रूपए तक वार्षिक.
3. विद्युत शुल्क से छूट-केवल नवीन लॉजिस्टिक्स पार्कों को आठ वर्ष से दस वर्ष तक पूर्ण छूट.
4. स्टाम्प शुल्क से छूट.
5. डेव्हलपर द्वारा किए गए कर्मचारी भविष्य निधि अंशदान पर पांच वर्षों तक प्रतिपूर्ति की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा एक लाख रूपए प्रति वर्ष होगी.
6. अधिकतम 50 वाहनों पर वाहन पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी.

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