अयोध्या में जर्जर 165 मंदिर एवं धर्मशालाओं पर नोटिस चस्पा | Navabharat - Hindi News Website
Navabharat – Hindi News Website
No Comments 6 Views

अयोध्या में जर्जर 165 मंदिर एवं धर्मशालाओं पर नोटिस चस्पा

अयोध्या. उत्तरर प्रदेश के अयोध्या में चल रहे चैत्र रामनवमी मेले में जर्जर 165 मंदिर और धर्मशालाओं पर जिला प्रशासन द्वारा नोटिस चस्पा कराकर उसमें श्रद्धालुओं को नहीं ठहराने की हिदायत दी गयी है. जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार पाठक ने आज यहाँ बताया कि अयोध्या में चैत्र राम नवमी मेले में लाखों श्रद्धालु अयोध्या आते है. श्रद्धालुओं का मुख्य रूप से आश्रय स्थल मंदिर एवं धर्मशालाए ही होती है. उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए नगर निगम ने जांच कराकर 165 मंदिर और धर्मशालाएं जर्जर स्थिति में होने के कारण उन पर नोटिस चस्पा करा दिया गया है ताकि उसमें कोई ठहरे नहीं और हादसे से बचा जा सके. उन्होंने न सिर्फ इन मंदिरों और भवनों पर नोटिस चस्पा कराने के निर्देश दिये हैं बल्कि यह भी कहा है कि नोटिस दिये जाने के बावजूद अगर इन मंदिरों और धर्मशालाओं में यात्रियों को ठहराया गया और अगर कोई हादसा हुआ तो उस मंदिर या भवन के स्वामी जिम्मेदार होंगे. उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने बताया कि अयोध्या में करीब छह हजार छोटे बड़े मंदिर हैं जिनमें बड़ी संख्या में ऐसे मंदिर और भवन हैं जो जर्जर अवस्था में हैं जिनका जीर्णोद्धार नहीं हो पाया है. उन्होंने बताया कि अयोध्या में सर्वाधिक जर्जर भवन स्वर्गद्वार क्षेत्र में स्थित हैं. इसके अलावा और भी कई मंदिर और धर्मशालायें बेहद जर्जर स्थिति में हैं. गौरतलब है कि वर्ष 2016 में सावन मेले के दौरान यादव मंदिर की छत गिरने से एक श्रद्धालु की मृत्यु हो गयी थी. उस समय भी अयोध्या नगर पालिका में मेला क्षेत्र में स्थित जर्जर भवनों की सूची बनाकर उन पर नोटिस चस्पा करा दी थी और श्रद्धालुओं से अपील की थी कि वह इन मंदिरों और धर्मशालाओं में न ठहरें. इसलिए इस बार जिलाधिकारी के सख्त निर्देश पर अयोध्या नगर निगम ने जर्जर धर्मशाला और मंदिरों की सूची बनाकर चस्पा करा दिया है. उन्होंने कहा कि इसके बावजूद ऐसे भवनों के मालिक यहाँ श्रद्धालु ठहरते हैं और कोई घटना हो जाती है तो इसकी जिम्मेदारी उनकी होगी. जिस पर प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा.

LEAVE YOUR COMMENT

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to Top