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सपा, बसपा गठबंधन होगा और मजबूत: मायावती

लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी(बसपा) अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि राज्यसभा के चुनाव में उनकी पार्टी के उम्मीदवार की हार के बावजूद समाजवादी पार्टी(सपा) से गठबंधन और मजबूत होगा. मायावती ने राज्यसभा चुनाव परिणामों को लेकर बुलाये गये संवाददाता सम्मेलन में कहा कि गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव के नतीजों से तिलमिलायी भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने तोड़ फोड़ और डराने धमकाने की राजनीति अपनायी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हार का बदला लेने के लिए हर हथकण्डे अपनाये. सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया. उन्होंने कहा कि सरकार ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ा. भाजपा ने धन्नासेठ को जिताने के लिए डरा धमकाकर क्रास वोटिंग कराई. कुछ तो डर गये लेकिन कुछ डटे रहे. उन्होंने कहा कि दो जून 1995 को स्टेट गेस्ट हाउस में उनकी जान लेने की कोशिश की गयी. उस समय लखनऊ के पुलिस अधीक्षक ने खड़े होकर वह काण्ड कराया था. भाजपा सरकार ने उसी अधिकारी को राज्य के पुलिस का मुखिया बना दिया है. एक सवाल के जवाब में सुमायावती ने कहा कि स्टेट गेस्ट हाउस काण्ड के समय अखिलेश यादव काफी छोटे थे. उस काण्ड से उनका कोई लेना देना नहीं है. उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि बसपा और सपा की दोस्ती टूट जाये लेकिन अब यह और मजबूत होगी. बसपा सुप्रीमो ने कहा कि राज्यसभा चुनाव की ऐसी रणनीत बनाई गई थी कि भाजपा का नौवां उम्मीदवार न जीत सके. सपा, बसपा उम्मीदवार को नौ या 10 वोट देगी. इसके बदले विधानपरिषद के चुनाव में बसपा, सपा की मदद करेगी. इसके साथ ही फूलपुर और गोरखपुर उपचुनाव में सपा का सहयोग दिया गया. इसका परिणाम इतना धमाकेदार निकला की इसकी गूँज पूरे देश में सुनाई दी. मायावती ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में बसपा के वोट रोकने के हथकंडे अपनाये गए. इसके बावजूद बसपा के केवल एक विधायक ने दगाबाजी की है. उसे निलम्बित कर दिया गया है. इसके विपरीत भाजपा के सहयाेगी दल के विधायक कैलाश सोनकर ने बसपा को वोट दिया. वह धन्यवाद के पात्र हैं. उन्होंने कांग्रेस और सपा को समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि गोरखपुर और फूलपुर की हार से जनता खुश है. गोरखपुर और फूलपुर में भाजपा की हार उनकी करनी के कारण हुआ है. उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में बसपा की हुई हार भाजपा के गोरखपुर एवं फूलपुर में लगे कलंक को नहीं धो पायेगी. उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को राजा भैया पर विश्वास नहीं करना चाहिये था. राजा भैया ने अखिलेश को धोखा दिया. उन्होंने अखिलेश यादव को राजा भैया से सचेत रहने की सलाह दी. इस सबके बावजूद उन्होंने दावा किया कि बसपा और सपा की दोस्ती टूटेगी नहीं बल्कि और मजबूती से लड़ेगी. बसपा सुप्रीमो ने कहा कि भाजपा के लोग संकीर्ण मानसिकता के कारण बसपा और सपा की दोस्ती बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस विधायकों की सराहना की. उनका कहना था कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मशविरा कर उनके सातों विधायक एक साथ वोट देने गये. सातों ने बसपा उम्मीदवार को मत दिया. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के पहले बसपा पोलिंग बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करेगी. लोकसभा चुनाव में भाजपा को सबक सिखायेगी.

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