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राहुल ने कहा: गुजरात में गुजरात माॅडल नहीं मोदी-रूपाणी मॉडल

राहुल ने कहा: गुजरात में गुजरात माॅडल नहीं मोदी-रूपाणी मॉडल

दहेगाम/अहमदाबाद. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज गुजरात के विकास के सत्तारूढ भाजपा के दावे पर एक बार फिर प्रहार करते हुए कहा कि राज्य में गुजरात मॉडल नहीं बल्कि मोदी-रूपाणी मॉडल है जिसके केवल पांच दस उद्योगपतियों की ही परवाह है. गांधी ने अपने दो दिवसीय चुनावी दौरे के दूसरे दिन गांधीनगर के निकट दहेगाम में कहा कि राज्य में आज शिक्षा संस्थानों और स्वास्थ्य सुविधा सभी पर पांच दस उद्योगपतियों का कब्जा है. सारे बंदरगाह एक ही उद्योगपति काे दे दिये गये हैं जिसका नाम आप जानते हैं. यहां जादू दिखा रही सरकार ने जनता का 33 हजार करोड टाटा को नैनो के नाम पर दे दिया. यह पैसा छूमंतर हो गया पर नैनो कही दिखती नहीं. यह गुजरात मॉडल नहीं है, मोदी-रूपाणी मॉडल है. उन्होंने कहा कि गुजरात मॉडल वास्तव में कुछ और है. यह राज्य की शक्ति का उपयोग लोगों के लिए करने वाला मॉडल है. लोगों के पैसे को छीन कर उद्योगपतियों को देने वाला मॉडल नहीं. राज्य की महिला दुग्ध उत्पादकों के डर से न्यूजीलैंड ने यहां दूध भेजने की हिम्मत नहीं की. श्वेत क्रांति करने वाला गुजरात पूरी दुनिया को हिलाने की ताकत रखता है. राज्य को मोदी-रूपाणी मॉडल से कुछ मिलने वाला नहीं. राज्य में कांग्रेस की सरकार बनेगी तो मुख्यमंत्री मोदी जी की तरह अपने मन की बात नहीं करेंगे बल्कि लोगों के मन की बात सुनेंगे. यह सरकार जनता की सरकार होगी, पांच दस उद्योगपतियों की नहीं. सभा के दौरान एक हवाई जहाज के आसमान में गुजरने पर गांधी ने चुटकी लेते हुए कहा कि इसमें भी मोदी जी के दोस्त जा रहे हैं.

अहमदाबाद में अब भी चुनावी समां नहीं बंधा
गुजरात में विधानसभा चुनाव की चर्चा जगह-जगह होने लगी है लेकिन राजनीति और अर्थ का केन्द्रबिन्दु माने जाने वाले इस ऐतिहासिक शहर में अभी भी ‘चुनावी रंग’ नहीं चढ़ सका है. औद्योगिक, व्यावसायिक और शिक्षा का केंद्र माने जाने वाले इस नगर में प्रथम चरण का मतदान नौ दिसंबर को होने वाला है इसके बावजूद यहां न तो किसी पार्टी का झंडा, बैनर, पोस्टर आदि नजर आ रहा है और न ही कोई राजनीतिक परिदृश्य दिख रहा है. राज्य में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के नेताओं का दौरा शुरू हो गया है उसके बावजूद शहर उदास है. लगभग 70 लाख की आबादी वाले इस शहर में कुल 16 विधानसभा सीट है. शहर में निजी कंपनियों के बैनर पोस्टर तो दिख जाते हैं लेकिन राजनीतिक दलों का इस तरह का कोई प्रचार नहीं है. भाजपा और कांग्रेस के इस शहर के प्रमुख स्थानों पर आलीशान कार्यालय हैं, लेकिन वहां कोई विशेष चहल-पहल नहीं है. भाजपा ने अपने कार्यालय के अलावा एसजी रोड में मीडिया केंद्र बनाया है जहां से प्रचार कार्य चलाया जा रहा है. कार्पोरेट घरानों के कार्यालयों की तर्ज बने यह केंद्र आधुनिक सुविधाओं से लैस है तथा यहां नेताओं के प्रेस कांफ्रेंस के लिए स्टूडियो जैसी सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी है. इस कार्यालय के बाहर एक होर्डिंग लगा है जिस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के अलावा कुछ स्थानीय नेताओं का चित्र लगा है. कांग्रेस का राज्य कार्यालय यहां कार्पोरेट घरानों की तर्ज पर ही शानदार ढंग से बना है. राजीव गांधी भवन में तमाम आधुनिक सुविधायें उपलब्ध है लेकिन यहां कोई विशेष चहल पहल नहीं है. इस संंबंध में पूछे जाने पर कार्यालय के कर्मचारियों ने बताया कि सभी पदाधिकारी पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रम में लगे हैं. गांधी कल से ही राज्य के दौरे पर हैं. गांधी ने कल शाम ही शहर के पूर्वी क्षेत्र में एक रोड शो किया और लोगों को संबोधित किया. कांग्रेस कार्यालय के बाहर जो होर्डिंग लगे हैं उनमें से एक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एक बड़ी सी तस्वीर लगी है. इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तथा पार्टी के अन्य स्थानीय नेताओं की छोटी-छोटी तस्वीर है. दूसरे होर्डिंग में सोनिया गांधी की बड़ी सी तस्वीर लगी है जिसमें अन्य स्थानीय नेताओं का चित्र लगा है. भाजपा और कांग्रेस के कार्यालय में अपनी-अपनी पार्टी की मदद के लिए राजस्थान और महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता आये हुए हैं. वे खुलकर कुछ भी बोलने से बचते हैं और केवल इतना कहते हैं कि पार्टी ने जो उन्हें जिम्मेदारी दी है उसे पूरा कर रहे हैं. अहमदाबाद स्थित निजी संस्थानों में काम करने वाले अधिकारी या कर्मचारी चुनाव की चर्चा किये जाने पर इससे बचते हैं. वे चुनाव संबंधी किसी भी सवाल को टाल कर जल्दी से निकल जाते हैं. यहां रहकर अलग-अलग प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वाले युवक चुनावी चर्चा से बचते हैं. आमतौर पर ऑटो चालकों में चुनाव को लेकर दिलचस्पी है. सिंधी मूल के एक ऑटो चालक ने बताया कि अभी यहां कांग्रेस और भाजपा की बराबर की टक्कर है लेकिन जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का चुनाव प्रचार अभियान शुरू होगा तो स्थिति बदलेगी. यहां घर-घर में लोग मोदी और शाह को जानते हैं. भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को अपना नेता बताने वाले इस आटो चालक ने कहा कि वह यहां से कई बार सांसद रहे इसके बावजूद अपने समाज के लिए कोई खास कार्य नहीं किया.

राफेल सौदे पर राहुल ने मोदी से पूछे तीन सवाल
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज सरकार पर गुजरात चुनाव के चलते संसद के शीतकालीन सत्र को टालने का आरोप दोहराते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से राफेल लड़ाकू विमान सौदे में कथित घोटाले को लेकर तीन सवाल पूछे. गांधी ने आज यहां एक चुनावी सभा में कहा कि वह वायु सेना, राष्ट्रीय सुरक्षा और शहादत देने वाले जवानों से जुड़े राफेल मुद्दे के बारे में मोदी जी से तीन सवाल पूछना चाहते हैं. पहला कि उनकी सरकार ने इस सौदे के लिए कांग्रेस सरकार के करार को बदला तो इसमे विमान की खरीद कीमत बढाई गयी कि नहीं. दूसरा कि इस सौदे के तहत विमान बनाने का ठेका सार्वजनिक क्षेत्र की हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से छीन कर इस क्षेत्र में बिना किसी अनुभव वाले उद्योगपति को क्यों दिया गया और तीसरा कि इसे निजी उद्योगपति को देने के पहले सरकार ने तय नियमों जैसे कि कैबिनेट की सुरक्षा संबंधी समिति आदि की मंजूरी आदि का पालन किया कि नहीं. गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने राफेल सौदा, अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी के घोटाले पर चर्चा से बचने ले लिए संसद पर ताला लगा दिया है. जनता इनके बारे में जानना चाहती है पर न खाऊंगा, न खाने दूंगा का नारा देने वाले मोदी जी कुछ नहीं बोलते. वह चुनाव के समय इन मुद्दों पर चर्चा नहीं चाहते. उन्होंने कहा कि मीडिया जो उनसे कई सवाल पूछती है मोदी के गुजरात दौरे पर इन मुद्दों पर उनसे पूछे क्योंकि गुजरात और देश की जनता इस पर उनकी राय जानना चाहती है.

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