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प्रदूषण के बहाने विराट को तिहरे शतक से रोका, कप्तान के रूप में दोहरे शतक का नया विश्व रिकार्ड

नयी दिल्ली. भारत और श्रीलंका के बीच यहां फिरोजशाह कोटला मैदान में दूसरे दिन रविवार को जहां भारतीय कप्तान विराट कोहली (243) का रिकॉर्डतोड़ छठा दोहरा शतक देखने को मिला तो वहीं श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने दूसरे सत्र में बार बार दिल्ली के प्रदूषण को लेकर आपत्ति उठाते हुए अचानक से विवाद पैदा कर दिया. भारतीय कप्तान विराट कोहली ने दूसरे सत्र में श्रीलंकाई खिलाड़ियों के प्रदूषण के कारण बार बार खेल रोके जाने से तंग आकर भारत की पहली पारी सात विकेेट पर 536 रन पर घोषित कर दी. श्रीलंका ने इसके जवाब में दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक 44.3 ओवर में तीन विकेट पर 131 रन बना लिए हैं और वह अभी भारत के स्कोर से 405 रन पीछे है. प्रदूषण की बात उठाकर दूसरे सत्र में तीन-चार बार खेल रूकवाने वाली श्रीलंकाई टीम को उसकी पारी की पहली ही गेंद पर झटका लगा जब दिमुथ करूणारत्ने तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए. पारी के छठे आेवर में इशांत शर्मा ने धनंजय डी सिल्वा (1) को पगबाधा कर दिया. श्रीलंका का दूसरा विकेट 14 के स्कोर गिर गया. दिलरुवान परेरा (42) और एंजेलो मैथ्यूज (नाबाद57) ने तीसरे विकेट के लिए 61 रन की साझेदारी की. परेरा को लेफ्ट आर्म स्पिनर रवींद्र जडेजा ने पगबाधा किया. मैथ्यूज ने इसके बाद कप्तान दिनेश चांडीमल के साथ शेष खेल सुरक्षित निकाल लिया. मैथ्यूज ने आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन पर लगातार दो छक्के मारकर अपना अर्धशतक पूरा किया. विराट और शिखर धवन ने स्लीप में दो आसान कैच टपकाए वरना श्रीलंका की हालत और ज्यादा खराब हो सकती थी. स्टंप्स के समय मैथ्यूज आठ चौकों और दो छक्कों की मदद से 57 और चांडीमल तीन चौकों के सहारे 25 रन बनाकर क्रीज पर थे. दोनों ने चौथे विकेट की नाबाद साझेदारी में 56 रन जोड़ दिये. मैच का दूसरा दिन बड़ा ही दिलचस्प रहा. पहले और आखिरी सत्र में प्रदूषण की कोई शिकायत नहीं हुई लेकिन दूसरे सत्र में सात श्रीलंकाई खिलाड़ी मास्क पहनकर मैदान में उतरे और उन्होंने तीन-चार बार प्रदूषण को लेकर अपनी परेशानी बताते हुए मैच रूकवाया. इसी चक्कर में भारतीय कप्तान विराट की एकाग्रता भंग हुई और वह 243 रन बनाकर पगबाधा हो गए. वरना वह जिस तरह से खेल रहे उससे अपना तिहरा शतक पूरा कर सकते थे. विराट ने न केवल अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया बल्कि कोटला मैदान पर 62 साल पुराना न्यूजीलैंड के बर्ट सटक्लिफ का नाबाद 230 रन का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. विराट ने भारतीय पारी घोषित करने के बाद चायकाल तक के खेल और दिन के बाकी खेल में यह साबित करने की कोशिश की कि प्रदूषण उतनी बड़ी समस्या नहीं है जितना कि श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने इसे बना दिया. जो श्रीलंकाई खिलाड़ी क्षेत्ररक्षण करते समय बार बार हांफते नजर आ रहे थे वही खिलाड़ियों को बल्लेबाजी के समय कोई परेशानी नहीं हुई. विराट के तिहरे शतक के लिए मौजूद दर्शकों ने उनके आउट होने के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों की काफी हूटिंग भी की. कप्तान विराट कोहली (243) के विश्व रिकॉर्ड दोहरे शतक की बदौलत भारत लंच तक 500 का स्कोर बना चुका था. लंच के बाद जब खेल शुरु हुआ तो करीब एक घंटे बाद ही श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने प्रदूषण को लेकर बार बार शिकायत करने शुरु की जिससे खेल रूकता रहा. श्रीलंकाई खिलाड़ियों की पहली बार शिकायत पर प्रदूषण के कारण करीब 20 मिनट तक खेल रूका रहा. श्रीलंका के पांच-छह खिलाड़ी लंच के बाद बकायदा मास्क पहनकर मैदान में उतरे थे. खेल जब शुरु हुआ तो थोड़ी देर बाद फिर श्रीलंकाई खिलाड़ी प्रदूषण को लेकर अंपायर के पास पहुंच गए. फिर कुछ देर के लिए खेल रूक गया. भारतीय ड्रेसिंग रूम में बैठे टीम इंडिया के काेच रवि शास्त्री श्रीलंकाई खिलाड़ियों के इस रवैये से बेहद नाराज दिखाई दे रहे थे. खेल एक बार फिर शुरु हुअा लेकिन चंद गेंदों बाद ही दोबारा खेल रोक देना पड़ा. आखिर विराट ने ड्रेसिंग रूम से पारी घोषित करने का इशारा करते हुए हाथों से दिखाया कि टीम अब गेंदबाजी करने को तैयार है. इस तरह भारत की पहली पारी 127.5 ओवर में सात विकेट पर 536 के स्कोर पर घोषित हो गई. विराट ने 287 गेदों पर 25 चौकों की मदद से 243 रन की रिकॉर्डतोड़ पारी खेली. विराट का इस सीरीज में यह लगातार दूसरा दोहरा शतक और ओवरआल छठा दोहरा शतक था. विराट ने इसके साथ ही कप्तान के रूप में छह दोहरे शतक बनाने का नया विश्व रिकॉर्ड कायम कर दिया है. भारत ने सुबह कल के चार विकेट पर 371 रन सो आगे खेलना शुरु किया. विराट ने 156 और रोहित शर्मा ने छह रन से भारतीय पारी को आगे बढ़ाया. श्रीलंका ने छह ओवर बाद दूसरी गेंद ले ली. विराट ने दूसरी नई गेंद पर सुरंगा लकमल का स्वागत चौका मारकर किया और इसके साथ ही भारत के 400 रन पूरे कर दिये. विराट और रोहित ने सुबह के पहले घंटे में आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और पहले घंटे में 71 रन जोड़ डाले. रोहित ने करारे तेवर दिखाए और चाइनामैन गेंदबाज लक्षण संदकण की गेंद पर शानदार छक्का मारा. विराट जब 195 रन पर थे तो आफ स्पिनर दिलरुवान परेरा ने उनके खिलाफ पगबाधा के लिए रेफरल लिया लेकिन श्रीलंका का रेफरल बेकार गया. कुछ देर बाद विराट ने दो रन लेकर अपना दोहरा शतक पूरा कर लिया. उन्होंने 200 रन के लिए 349 मिनट क्रीज पर गुजारे और 238 गेंदों में 20 चौके लगाए. दूसरी तरफ रोहित ने अपने 50 रन 109 मिनट में 88 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौकों और दो छक्कों की मदद से पूरे कर लिए. रोहित ने चौका मारकर भारत के 500 रन भी पूरे किये. लेकिन अगली ही गेंद पर वह विकेटकीपर निरोशन डिकवेला के हाथों लपके गए. रोहित का विकेट भी संदकण ने लिया. लंच से पहले के आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर रोहित का विकेट गिरने के साथ ही लंच भी हो गया. रोहित ने 102 गेंदों में सात चौकाें और दो छक्कों की मदद से 65 रन बनाए. लंच के समय कप्तान विराट 266 गेंदों में 23 चौकों के सहारे 225 रन बनाकर क्रीज पर थे. भारत ने सुबह दो घंटे के खेल में 129 रन जोड़े. लंच के बाद खेल सुचारू रूप से चल रहा था कि तभी कुछ देर बाद श्रीलंकाई खिलाड़ी ने प्रदूषण को लेकर आपत्ति उठानी शुरु कर दी. श्रीलंका के कप्तान दिनेश चांंडीमल, एंजेलो मैथ्यूज, दिलरुवान परेरा, धनंजय डी सिल्वा औ सुरंगा लकमल मास्क पहनकर मैदान पर उतरे थे. प्रदूषण को लेकर जब पहली बार करीब 20 मिनट तक खेल रुका तो फिर खेल शुरु होने के बाद पहली ही गेंद पर रविचंद्रन अश्विन लाहिरू गमागे की गेंद पर परेरा को कैच थमा बैठे. अश्विन ने चार रन बनाए. श्रीलंकाई खिलाड़ियों की प्रदूषण पर बार बार आपत्ति के चलते कप्तान विराट भी अपनी एकाग्रता खो बैठे और संदकण की गेंद पर पगबाधा हो गए. हालांकि विराट ने रेफरल लिया लेकिन गेंद लेग स्टंप्स को हिट कर रही थी. विराट ने पवेलियन लौटते समय अपना बल्ला उठाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया. विराट 430 मिनट क्रीज पर रहे. उन्होंने 287 गेंदों का सामना किया और 243 रन में 25 चौके लगाए. विराट जिस तरह खेल रहे थे उससे वह आज तिहरे शतक के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दे रहे थे. लेकिन एकाग्रता टूटना उनके लिए भारी पड़ गया. कमेंट्री कर रहे वीरेंद्र सहवाग ने भी श्रीलंकाई खिलाड़ियों के इस रवैये पर नाराजगी जताई. अश्विन का विकेट पर 519 के स्कोर पर और विराट का विकेट 523 रन के स्कोर पर गिरा. इसके जब भारत का स्कोर 536 रन था तो फिर श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने प्रदूषण मुद्दा उठाया और इस बार विराट ने पारी ही घोषित कर दी. रिद्धिमान साहा नौ और रवींद्र जडेजा नाबाद पांच रन पर लौटे. श्रीलंका की तरफ से संदकण ने 33.5 ओवर में 167 रन देकर चार विकेट, गमागे ने 25.3 ओवर में 95 रन पर दो विकेट और परेरा ने 31.1 ओवर में 145 रन पर एक विकेट लिया.

विराट का कप्तान के रूप में दोहरे शतक का नया विश्व रिकार्ड
भारतीय रन मशीन कप्तान विराट कोहली ने कप्तान के रूप में सर्वाधिक दोहरे शतक बनाने में वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा को पीछे छोड़कर नया विश्व रिकार्ड कायम कर दिया है. विराट ने श्रीलंका के खिलाफ तीसरे और अंतिम टेस्ट के दूसरे दिन रविवार को दोहरा शतक पूरा करने के साथ ही यह रिकार्ड कायम कर दिया. विराट ने अपने दोहरे शतक से फिरोजशाह कोटला मैदान पर सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर का भी नया रिकॉर्ड बना लिया है. उन्होंने दिसंबर 1955 में न्यूजीलैंड के बर्ट सटक्लिफ के बनाए नाबाद 220 के स्कोर को भी पीछे छाेड़ दिया है. विराट का यह छठा दोहरा शतक है और कप्तान के रूप में सर्वाधिक दोहरे शतक बनाने वाले वह पहले खिलाड़ी बन गए. उन्होंने लारा के कप्तान के रूप में पांच दोहरे शतक बनाने के रिकार्ड को पीछे छोड़ दिया. भारतीय कप्तान ने इससे पहले नागपुर में 213 रन बनाए थे और अास्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन के कप्तान के रूप में चार दोहरे शतकों को पीछे छोड़ा था आैर अब उन्होंने वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज ब्रायन लारा के कप्तान के रूप में पांच दोहरे शतकों के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. विराट ने दो रन लेकर अपना छठा दोहरा शतक पूरा किया, जो इस सीरीज में उनका लगातार दूसरा दोहरा शतक है. उन्होंने नागपुर के पिछले मैच में 213 रन बनाए थे. विराट 1993 में विनोद कांबली के बाद लगातार दो दोहरे शतक बनाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं. कांबली ने 1993 में इंग्लैंड और जिम्बाब्वे के खिलाफ लगातार दो दोहरे शतक जमाए थे. भारतीय कप्तान सर्वाधिक दोहरे शतक बनाने के मामले में अब संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर आ गए हैं. उन्होंने सर्वाधिक दोहरे शतक बनाने के मामले में सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के भारतीय रिकार्ड की भी बराबरी कर ली है. विराट से आगे अब श्रीलंका के माहेला जयवर्द्धने (7) इंग्लैंड के वाली हेमंड (7), लारा (9), श्रीलंका के कुमार संगकारा (11) और ऑस्ट्रेलिया के डॉन ब्रेडमैन (12) हैं. विराट ने इस दोहरे शतक के साथ ही 2017 में 1000 टेस्ट रन भी पूरे कर लिए. इस साल टेस्ट मैचों में वह चौथे बल्लेबाज बन गए. उनसे पहले दक्षिण अफ्रीका के डीन एल्गर, श्रीलंका के दिमुथ करूणारत्ने और भारत के चेतेश्वर पुजारा ने 1000 रन पूरे किये थे. विराट इसके अलावा वनडे में भी 1000 रन पहले ही पूरे कर चुके थे.

विराट काे तो मास्क की जरुरत नहीं पड़ी: भरत अरूण
श्रीलंका के सात खिलाड़ियों के मास्क पहने हुए चेहरे और प्रदूषण को लेकर बार बार खेल रोकना आज दिन भर की सबसे बड़ी चर्चा का विषय बन गया. लेकिन भारतीय गेंदबाजी कोच भरत अरूण ने इस पर एक तरह से अपने जवाबी प्रहार करते हुए कहा कि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली को दो दिन बल्लेबाजी करते हुए एक बार भी मास्क की जरुरत नहीं पड़ी. भरत अरूण ने तीसरे और अंतिम टेस्ट के दूसरे दिन के खेल के बाद संवाददाता समेलन में प्रदूषण के मुद्दे को लेकर उठे सवालों पर कहा,“ विराट ने लगभग दो दिन तक बल्लेबाजी की. लेकिन उन्हें एक बार भी मास्क को पहनने की जरुरत नहीं पड़ी. हमारा ध्यान पूरी तरह अपने खेल पर केंद्रित था और हम इस बात को लेकर कुछ भी नहीं सोच रहे थे दूसरी टीम और उसके खिलाड़ी क्या कर रहे हैं.” मैच के दूसरे दिन दूसरे सत्र में श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने प्रदूषण को लेकर कई बार खेल रूकवाया जिसके बाद कप्तान विराट ने भारत की पहली पारी 536 के स्कोर पर घाेषित कर दी. दिन की समाप्ति के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदूषण ही सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ था. भरत अरूण ने प्रदूषण की चिंता पर बार बार पूछे जाने पर कहा,“ प्रदूषण देश में हर जगह पर है. लेकिन हम सिर्फ उसी बात पर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं जो हमें करना है. हम मौसम आदि बातों को लेकर चिंता नहीं करते.” टीम के काेच रवि शास्त्री के मैदान में जाकर अंपायरों से बातचीत करने के सवाल पर गेंदबाजी कोच ने कहा,“ रवि सिर्फ इतना ही कहने गए थे कि खेल को बार बार रोको मत और इसे जारी रखें.” उन्होंने साथ ही कहा,“ खेल की परिस्थितियों को देखना और अंपायरों और मैच रेफरी का काम है. यह खिलाड़ियों का काम नहीं है कि वे बार बार खेल को रोके.” भरत अरूण ने माना कि इस तरह बार बार खेल रूकने से विराट की एकाग्रता पर असर पड़ा और वे अचानक अपना विकेट गंवा बैठे. पारी घोषित करने के समय को लेकर उन्होंने कहा,“ हम 550 से ऊपर के स्कोर पर पारी घोषित करना चाहते थे. हमारा स्कोर इसके आसपास पहुंच चुका था इसलिए हमने पारी घोषित कर दी.” कुछ श्रीलंकाई खिलाड़ियों की तबियत खराब होने और उनके उल्टी करने के श्रीलंकाई कोच निक पोथास के बयान पर भरत अरूण ने कहा,“ हम इस बारे में कुछ भी नहीं सोचते कि उनकी समस्या क्या है. हमारा काम अपने खेल पर ध्यान लगाना है और वही हम कर रहे थे.”

खिलाड़ी उल्टी कर रहे थे, हम जोखिम नहीं उठा सकते थे: पोथास
निक पोथास ने दिल्ली के प्रदूषण को असामान्य हालात बताते हुए रविवार को कहा कि उनके कुछ खिलाड़ी उल्टी कर रहे थे और टीम प्रबंधन खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता था. पोथास ने भारत के खिलाफ तीसरे और अंतिम टेस्ट के दूसरे दिन खेल की समाप्ति के बाद संवाददाता सम्मेलन में दूसरे सत्र में प्रदूषण को लेकर श्रीलंकाई खिलाड़ियों की शिकायत को जायज ठहराते हुए कहा,“ हमारे तेज गेंदबाज लाहिरू गमागे और सुरंगा लकमल की प्रदूषण के कारण तबियत खराब हो रही थी, उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और वे उल्टी भी करे रहे थे. हम क्रिकेट रोकना नहीं चाहते थे. लेकिन हम खिलाड़ियों की सुरक्षा के साथ समझौता भी नहीं कर सकते थे.” श्रीलंकाई कोच ने साथ ही कहा कि उन्होंने पूरे करियर में पहली बार ऐसी स्थिति का सामना किया है जब खिलाड़ियों को प्रदूषण से दो चार होना पड़ा. दिल्ली के खतरनाक स्तर के प्रदूषण के बारे में दुनिया में सभी जानते हैं. मैच खेलने के लिए सामान्य स्थिति नहीं थी. हमारे खिलाड़ी वैसे बहुत फिट है लेकिन ऐसी परिस्थिितियों में खेलना बहुत ही मुश्किल था. यह पूछने पर अगले दो-तीन दिनों में उनकी टीम कैसे खेलेगी, पोथास ने कहा,“ कल की स्थिति के बारे में मैच रेफरी देखेंगे वैसे से आज मैदानी अंपायरों और मैच रेफरी ने असामान्य स्थिति को अच्छी तरह संभाल लिया. इस असामान्य स्थिति में कोई भी फैसला करना आईसीसी के हाथों में है.” मैच के दूसरे दिन सुबह का सत्र आराम से गुजर गया था लेकिन दूसरे सत्र में जाकर श्रीलंकाई खिलाड़ी मास्क पहनकर उतरे और उन्होंने कई बार खेल को रूकवाया. इस बारे में पूछने पर पोथास ने कहा,“ हमारे कई खिलाड़ियों की तबियत खराब हो रही थी और हमारे पास इतने खिलाड़ी नहीं थे कि उन्हें मैदान में उतार सकते थे. यह मेरे लिए एक नई और असामान्य स्थिति है. इस बारे में मैच अधिकारियों को जल्द ही कुछ करना होगा.”

केजरीवाल सरकार की नाकामी के कारण उठानी पड़ी शर्मिंदगी: सिरसा
दिल्ली में शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने आज कहा कि राजधानी में प्रदूषण से निपटने में केजरीवाल सरकार की नाकामी के कारण भारत को यहां श्रीलंका के साथ क्रिकेट मैच के दौरान शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है. सिरसा ने एक वक्तव्य जारी कर कहा है कि केजरीवाल सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए एक भी पैसा खर्च नहीं किया और इस मामले में वह पूरी तरह विफल रही है. उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते एहतियाती कदम उठाये होते और प्रदूषण से निपटने के उपाय किये होते तो आज देश को उस समय शर्मिंदगी का सामना नहीं करना पड़ता जब श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने मैदान में प्रदूषण की शिकायत की. उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है कि श्रीलंकाई खिलाड़ी मास्क पहनकर खेल रहे थे और एक समय उन्होंने खेलने से इन्कार कर दिया तथा अपने क्रिकेट बोर्ड से इसकी शिकायत की. सिरसा ने कहा कि उन्होंने इस बारे में दिल्ली के उप राज्यपाल से भी बात की है.

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