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ओखी तूफान के गुजरात की ओर बढ़ने से तंत्र अलर्ट

गांधीनगर/तिरुवंतपुरम. दक्षिण भारत में कहर बरपाने वाले समुद्री तूफान ओखी के गुजरात तट की ओर बढ़ने के मद्देनजर राज्य के दक्षिण और सौराष्ट्र क्षेत्रों में कल भारी वर्षा की चेतावनी और एहतियाती उपायों और सतर्कता के बीच गुजरात मैरीटाइम बोर्ड ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों गत 22 अक्टूबर को शुरू हुई भावनगर के घोघा और भरूच के दहेज के बीच रो-रो फेरी सर्विस (स्टीमर सेवा) को आज अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है. अरब सागर में खंभात की खाड़ी में चलने वाली इस सेवा को फिर से शुरू करने के बारे में निर्णय छह दिसंबर को लिया जायेगा. इस बीच आज सुबह साढे पांच बजे करीब सूरत से 870 किलोमीटर दक्षिण दक्षिण पश्चिम में केंद्रित इस तूफान के कल दक्षिण गुजरात तट पर पहुंचने और बाद मेें कमजोर पड़ जाने की संभावना है. अहमदाबाद मौसम केंद्र के निदेशक जयंत सरकार ने बताया कि यह फिलहाल यह एक गंभीर तूफान है पर जब यह गुजरात तट पर पहुंचेगा तो कमजोर पड़ कर गहरे दबाव के क्षेत्र अथवा सामान्य दबाव के तौर पर गुजरेगा. मछुआरों को समुद्र तट में नहीं जाने की चेतावनी दी गयी है. एनडीआरएफ की टीमों को तटवर्ती इलाकों में तैनात कर दिया गया है. इस बीच इसके प्रभाव से कई इलाकों में बरसात शुरू हो गयी है. कल वलसाड, सूरत, नवसारी तथा अमरेली, भावनगर, गिर सोमनाथ आदि तटवर्ती जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गयी है. मौसम विभाग ने आगामी छह दिसंबर तक कई इलाकों में बेमौसम वर्षा की चेतावनी भी जारी की है. इस बीच स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री विजय रूपाणी आज एक उच्चस्तरीय बैठक भी करेंगे.

ओखी तूफान के गुजरात की ओर बढ़ने से तंत्र अलर्ट, मुख्यमंत्री ने की समीक्षा बैठक
दक्षिण भारत में कहर बरपाने वाले समुद्री तूफान ओखी के गुजरात तट की ओर बढ़ने के मद्देनजर राज्य के दक्षिण और सौराष्ट्र क्षेत्रों में कल भारी वर्षा की चेतावनी और एहतियाती उपायों और सतर्कता के बीच आज मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक यहां की. बैठक में भाग लेने वाले मुख्य सचिव जे एन सिंह तथा राजस्व विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बताया कि ओखी के चलते केरल से भटक कर आयी मछुआरों की 50 नौकाओं को यहां वेरावल तट पर रखा गया है तथा इन पर सवार मछुआरों के ठहरने की व्यवस्था की गयी है. उधर गुजरात मैरीटाइम बोर्ड ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों गत 22 अक्टूबर को शुरू हुई भावनगर के घोघा और भरूच के दहेज के बीच रो-रो फेरी सर्विस (स्टीमर सेवा) को आज अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है. अरब सागर में खंभात की खाड़ी में चलने वाली इस सेवा को फिर से शुरू करने के बारे में निर्णय छह दिसंबर को लिया जायेगा. इस बीच आज सुबह साढे पांच बजे करीब सूरत से 870 किलोमीटर दक्षिण दक्षिण पश्चिम में केंद्रित इस तूफान के कल दक्षिण गुजरात तट पर पहुंचने और बाद मेें कमजोर पड़ जाने की संभावना है. अहमदाबाद मौसम केंद्र के निदेशक जयंत सरकार ने बताया कि यह फिलहाल यह एक गंभीर तूफान है पर जब यह गुजरात तट पर पहुंचेगा तो कमजोर पड़ कर गहरे दबाव के क्षेत्र अथवा सामान्य दबाव के तौर पर गुजरेगा. मछुआरों को समुद्र तट में नहीं जाने की चेतावनी दी गयी है. एनडीआरएफ की टीमों को तटवर्ती इलाकों में तैनात कर दिया गया है. इस बीच इसके प्रभाव से कई इलाकों में बरसात शुरू हो गयी है. कल वलसाड, सूरत, नवसारी तथा अमरेली, भावनगर, गिर सोमनाथ आदि तटवर्ती जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गयी है. मौसम विभाग ने आगामी छह दिसंबर तक कई इलाकों में बेमौसम वर्षा की चेतावनी भी जारी की है. वर्षा के चलते कपास, गेहूं, जीरा आदि की फसल को नुकसान की आशंका भी है. राज्य में चुनावी गहमागहमी के बीच तूफान और वर्षा के चलते प्रचार के भी एक दो दिन तक प्रभावित होने की संभावना है. दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के 19 जिलों की 89 सीटों पर नौ दिसंबर को पहले चरण में तथा शेष 14 जिलों के 93 सीटों पर दूसरे चरण में 14 दिसंबर को मतदान होना है.

ओखी बचाव अभियान में देरी से नाराज प्रदर्शनकारियों ने विजयन की कार रोककर नारेबाजी की
ओखी चक्रवात में राहत एवं बचाव अभियान में हुई देरी से नाराज लोगों ने आज केरल के तटीय क्षेत्र विजिनजम के दौरे पर गए मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की कार का रास्ता रोककर सरकार विरोधी नारेबाजी की. ओखी चक्रवात में अपनों की जान गंवा चुके लोग विजयन के आने की सूचना पाकर सेंट मैरी चर्च के सामने इक्कठा हो गए. पादरी से मुलाकात के बाद विजयन के चर्च से बाहर निकलते समय कुछ लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरे को पार करके विजयन की कार का रास्ता रोक दिया और उनको कार में प्रवेश नहीं करने दिया. प्रदर्शनकारियों ने ओखी चक्रवात से प्रभावित इलाकों में राज्य के मंत्रियों के दौरे में हो रही देरी पर सवाल उठाए और बचाव अभियान में उनकी शामिल होने की मांग की. उनका मानना था अगर शुरुआती घंटों में बचाव अभियान शुरू कर दिया जाता तो इतने अधिक लोग नहीं मारे जाते. प्रदर्शनकारियों ने करीब तीन मिनट तक विजयन की कार का रास्ता रोके रखा. मौके पर मौजूद पुलिस ने किसी तरह से विजयन को वहां से निकाला. इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक वहां हटाया और विजयन को पर्यटन मंत्री कदाकम्पल्ली सुरेंद्रन की कार में ले गए. विजयन के साथ जिलाधीश के वासुकी और राजस्व मंत्री ई चंद्रशेखरन भी थे. इससे पहले विजयन ने आश्वासन दिया था कि सरकार संकट की इस घड़ी में उनके साथ है और बचाव अभियान में मछुआरों को शामिल करने पर विचार कर रही है. इस घटना के बाद विजयन ने सुरक्षा कारणों से अपना पूंथुरा जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया. गौरतलब है कि केरल तथा तमिलनाडु में ओखी चक्रवात से अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है. केरल तट तथा कन्याकुमारी में गुरुवार को आए ओखी चक्रवात में एक सौ से अधिक मछुआरे लापता हो गये हैं. मरने वालों में केरल के 25 तथा तमिलनाडु के दस लोग हैं. चक्रवात में कई लोग घायल हुए हैं तथा करोड़ों रुपये की संपत्ति तथा फसलों को नुकसान पहुंचा है.

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