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बाबा साहेब का मिटाया नाम-काम, याद आए बाबा भाेले, मुझे ‘नीच’ कहने का चुनाव में लें बदला

मुझे ‘नीच’ कहने का चुनाव में कांग्रेस से बदला लें – मोदी
सूरत/नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर के उन्हें ‘नीच’ कहने को कांग्रेस की हताशा और ‘सल्तनती और मुगली’ मानसिकता का परिचायक बताते हुए लोगों से सामान्य तौर अथवा ट्विटर या अन्य सोशल मीडिया पर उन पर अपशब्दयुक्त जवाबी हमले नहीं करने की अपील की पर प्रधानमंत्री और गुजरात के बेटे (स्वयं) के लिए ऐसी अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का बदला चुनाव के जरिये लेने को कहा. मोदी ने आज यहां चुनावी सभा में कहा, ‘कांग्रेस पार्टी हताश निराश और चारों तरफ से साफ हो गयी है. यह अमेठी और रायबरेली तक में नहीं बची है. ऐसी हताशा में बहुत ही विद्वान परिवारिक पृष्ठभूमि तथा विदेश सेवा के अधिकारी, राजदूत और मनमोहन सरकार में मंत्री रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने आज कहा कि मोदी नीच जाति का है. यह गुजरात का अपमान है कि नहीं. यह ऐसी मुगली और सल्तनती मानसिकता का परिचायक है, जिसमें गांवाें में किसी को (छोटी जाति के लाेगों को) अच्छा महंगा कपड़ा पहन कर अथवा बारात में घोड़े पर सवार होकर निकलने नहीं दिया जाता था.’ कांग्रेस की ओर से पहले भी उनके लिए कड़े शब्दों का प्रयोग करने की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘यह मुगली सल्तनती मानसिकता है, जिसमें यह दूसरे को नीच तरीके से देखना होता है. तुमने हमे गधा कहा. तुमने हमे गंदी नाली का कीड़ा कहा. अब तुमने हमे नीच जाति का कहा, तुमने हमे नीच कहा, पर हम अपने संस्कार के अनुसार जिये हैं. 18 तारीख (गुजरात चुनाव की मतगणना) के दिन मतपेटी बतायेगी कि गुजरात के संतान को ऐसे बोलने को बदला कैसे जनता लेगी.’ मोदी ने कहा, ‘आपने मुझे 14 साल मुख्यमंत्री और बाद में प्रधानमंत्री के तौर पर देखा है. मैने ऐसा कोई काम नहीं किया जिससे किसी नागरिक को नीचे देखना पड़ा है. क्या मैने कोई नीच काम किया ऊंच नीच का विचार किया. कांग्रेस के महारथी पराजय सामने हाेने पर मानिसक संतुलन गंवा कर भले मुझे नीच कहते हों पर मुझे जरा दुख नहीं. मैने समाज के अंतिम छोर पर बैठे लोगाें के लिए काम करता हूं और उनके साथ बैठना अगर तुम्हे नीच लगता है तो मुझे मेरी इस पृष्ठभूमि पर गर्व है. भले ही मैं नीची जाति का हूं पर मुझे ऊच्च काम करने का संतोष है. मै हाथ जोड़ कर विनति करता हूं कि इसके विरूद्ध कोई ऐसे या ट्विटर वगैरह पर एक शब्द न बाेले. उन्होंने जो कहा उन्हें मुबारक. अगर आपके दिल में ऐसी मानसिकता से रोष हो तो 9 वीं और 14 तारीख को चुनाव के दिन कमल निशान पर बटन दबा कर ऊच्च काम करके बताओं. नीच कहने का जवाब यही है. उन्हें पाठ पढ़ाने का रास्ता मतपेटी ही है.’ उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री के समय से ही मैने अनेक अपमान सहा है. मुझे मौत का सौदागर कहा और जेल में डालने का षडयंत्र किया तथा आधी सरकार को जेल में डाला. जुल्म करने में कुछ बाकी नहीं रखा पर मैंने बदले की भावना से आज तक एक कदम नहीं उठाया. यह मेरा रास्ता नहीं, मैं सार्वजनिक जीवन के मूल्यों के अनुरूप काम करता हूं.’ ज्ञातव्य है कि अय्यर ने मोदी के नेहरू-गांधी परिवार पर हमले को लेकर आज कहा था कि माेदी नीच किस्म के आदमी है.

बाबा साहेब का नाम – काम मिटाया, बाबा भाेले आए याद: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और नेहरु-गांधी परिवार का नाम लिए बगैर आज आरोप लगाया कि ‘एक परिवार’ को आगे बढ़ाने के लिए संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर का नाम और काम मिटाने का प्रयास किया गया और अब उन्हें बाबा साहेब की जगह ‘बाबा भोले’ याद आ रहे हैं. मोदी ने यहां डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र का उद्घाटन करने के बाद एक समारोह में कहा कि उनकी सरकार की कार्यप्रणाली अलग है और वह काम करने में भरोसा करती है. उन्होंने कहा कि इस केंद्र को बनाने का निर्णय 1992 में लिया गया था, लेकिन 23 साल तक कुछ नहीं हुआ. उनकी सरकार आने के बाद केंद्र का शिलान्यास हुआ और इसका आज लोकार्पण भी हो गया. प्रधानमंत्री ने परोक्ष रुप से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा, “जो राजनीतिक दल बाबा साहेब का नाम लेकर वोट मांगते हैं, उन्हें तो शायद इस केंद्र के बारे पता भी नहीं होगा. खैर, आजकल उन्हें बाबा साहेब नहीं, बाबा भोले याद आ रहे हैं. चलिए, इतना ही सही.” उल्लेखनीय है कि गांधी गुजरात विधानसभा चुनावाें के प्रचार के दौरान हाल ही में सोमनाथ मंदिर और कुछ अन्य मंदिरों में दर्शन करने गए हैं और उन्होंने कहा कि वह शिवभक्त हैं. मोदी ने कांग्रेस का नाम लिए बिना उसपर निशाना साधा और कहा कि बाबा साहेब की अद्भुत शक्ति थी कि उनके जाने के बाद, बरसों तक उनके विचारों को दबाने की कोशिश हुई और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को मिटाने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके विचारों को ऐसे लोग भारतीय जनमानस के चिंतन से हटा नहीं पाए. उन्होेंने कहा, “अगर मैं ये कहूं कि जिस परिवार के लिए ये सब किया गया, उस परिवार से ज्यादा लोग आज बाबा साहेब से प्रभावित हैं, तो मेरी ये बात गलत नहीं होगी.”

अय्यर ने मोदी को नीच कहा बाद में मांगी माफी
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘नीच’ शब्द कहे जाने पर मचे बवाल पर सफाई देते हुए आज कहा वह हिंदी भाषी नहीं हैं उन्होंने अंग्रेजी के “ लो ” शब्द का अनुवाद किया था और इससे कोई अन्य अर्थ निकलता है तो इसके लिए वह माफी मांगते हैं. अय्यर ने आज मोदी के लिए “ नीच ” और “ असभ्य” शब्दों का इस्तेमाल किया था. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सूरत में रैली को संबोधित करते हुए उन्हें ‘नीच’ कहने को कांग्रेस की हताशा और ‘सल्तनती और मुगली’ मानसिकता का परिचायक बताया. उन्होंने राज्य के लोगों से प्रधानमंत्री और “गुजरात के बेटे” के लिए ऐसी अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का बदला चुनाव के जरिये लेने और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ अभद्र शब्दों का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की. भाजपा ने भी इस बयान को लेकर कांग्रेस और उसके उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा. अय्यर की टिप्पणी को लेकर मचे बवाल पर गांधी को स्वयं सामने आना पड़ा. उन्होंने अय्यर के बयान से असहमति जताते हुये कहा कि वह तथा कांग्रेस चाहती है कि इस के लिये वह लिए माफी मांगे. इसके तुरंत बाद अय्यर ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री ने बाबा साहेब अम्बेडकर के नाम पर बने केन्द्र के उद्घाटन के अवसर पर कांग्रेस और गांधी पर तीखी टिप्पणियां क्यों की. प्रधानमंत्री रोजाना हमारे नेताओं के खिलाफ कुछ न कुछ बोल रहे हैं. उन्होंने कहा “मैं फ्रीलांस कांग्रेसी हूं, पार्टी में मैं किसी पद पर नहीं हूं, पार्टी का प्रवक्ता नहीं हूं, इसलिए प्रधानमंत्री को मैं उनकी भाषा में जवाब दे सकता हूं.” इस ओर ध्यान दिलाये जाने पर कि गांधी के उनसे माफी मांगने के लिये कहा है अय्यर ने कहा कि वह गांधी से मिलेंगे और जो निर्देश मिलेगा उसका पालन करेगें. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह हिंदी भाषी नहीं है और अंग्रेजी के शब्द का मन में अनुवाद कर हिंदी बोलते हैं. उन्होंने “नीच” शब्द अंग्रेजी के “लो” शब्द के लिये किया. यदि उनके द्वारा इस्तेमाल शब्द का कोई और अर्थ निकलता है तो वह इसके लिये वह ‘माजरत’(माफी) करते हैं. अय्यर ने इससे पहले मोदी के खिलाफ तल्ख टिप्पणी करते हुये कहा था कि वह बहुत नीच किस्म के आदमी हैं और उनमें कोई सभ्यता नहीं है. उन्होंने कहा कि डा़ अंबेडकर के सपनों को साकार करने के लिये सबसे बड़ा योगदान पंडित जवाहर लाल नेहरु का रहा है और मोदी ऐसे परिवार के बारे में ‘गंदी राजनीति’ कर रहे हैं.

 

मोदी पर अय्यर की टिप्पणी से आया राजनीतिक भूचाल
गुजरात विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के लिए प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘नीच’ और ‘असभ्य’ बताने वाली टिप्पणी ने राजनीतिक घमासान मचा दिया. मोदी के जवाबी हमले से कांग्रेस बैकफुट पर आ गयी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी के पल्ला झाड़ लेने के बाद अय्यर को माफी मांगने के लिए विवश होना पड़ा. उन्होंने कहा, “ये (मोदी) बहुत नीच आदमी है. इसमें कोई सभ्यता नहीं है और ऐसे मौके पर इस किस्म की गंदी राजनीति करने की क्या आवश्यकता है.” अय्यर के इस बयान के बाद देश में राजनीतिक भूचाल आ गया. राजधानी में कार्यक्रम के बाद चुनाव प्रचार के लिए गुजरात के सूरत पहुंचने पर मोदी ने तुरंत ही कांग्रेस को निशाने पर ले लिया और इस टिप्पणी को कांग्रेस की हताशा और ‘सल्तनती और मुगली’ मानसिकता का परिचायक बताते हुए लोगों से सामान्य तौर अथवा ट्विटर या अन्य सोशल मीडिया पर उन पर अपशब्दयुक्त जवाबी हमले नहीं करने की अपील की, पर प्रधानमंत्री और गुजरात के बेटे (स्वयं) के खिलाफ ऐसी अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का बदला चुनाव के जरिये लेने को कहा.
उन्होंने एक ट्वीट भी किया, जिसमें लिखा, “कांग्रेस के ‘बुद्धिमान’ नेता ने मुझे ‘नीच’ कहा है, जिसपर मुझे कुछ नहीं कहना है. यह कांग्रेस की सोच है. उनके पास उनकी भाषा है और हमारे पास हमारा काम है. लोग उन्हें वोट के जरिये जवाब दे देंगे.” मोदी के जवाबी हमले से चुनावी नुकसान को भांपते हुए गांधी को स्वयं सामने आना पड़ा. गांधी ने ट्वीट कर कहा कि वह अय्यर की भाषा और लहजे को सही नहीं मानते. उन्होंने कहा, “कांग्रेस की अपनी अलग संस्कृति अौर विरासत है. इसलिए मैं अय्यर द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ इस्तेमाल की गयी भाषा और लहजे को स्वीकार नहीं करता. मैं और कांग्रेस पार्टी दोनों उम्मीद करते हैं कि वह इसके लिए माफी मांगेंगे.” इसके बाद अय्यर ने बचाव की मुद्रा अख़्तियार कर ली. उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने बाबा साहेब अम्बेडकर के नाम पर बने केन्द्र के उद्घाटन के अवसर पर कांग्रेस और गांधी पर तीखी टिप्पणियां क्यों की? उन्होंने कहा, “मैं फ्रीलांस कांग्रेसी हूं, पार्टी में मैं किसी पद पर नहीं हूं, पार्टी का प्रवक्ता नहीं हूं, इसलिए प्रधानमंत्री को मैं उनकी भाषा में जवाब दे सकता हूं.” इस ओर ध्यान दिलाये जाने पर कि गांधी ने उनसे माफी मांगने के लिए कहा है, अय्यर ने कहा कि वह गांधी से मिलेंगे और जो निर्देश मिलेगा उसका पालन करेगें. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह हिंदी भाषी नहीं है और अंग्रेजी के शब्द का मन में अनुवाद कर हिंदी बोलते हैं. उन्होंने “नीच” शब्द अंग्रेजी के ‘लो’ शब्द के लिए किया. यदि उनके द्वारा इस्तेमाल शब्द का कोई और अर्थ निकलता है तो वह इसके लिए ‘माजरत’(माफी मांगते) करते हैं. बाद में भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी अय्यर की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस को घेर लिया. जेटली ने कहा कि उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री के खिलाफ गंदी भाषा का इस्तेमाल करना और गलत सूचनाएं फैलाना कांग्रेस की सोची समझी रणनीति है. जब लोग इससे आहत होते हैं तो वे माफी मांग लेते हैं. उन्होंने कहा कि यह केवल खराब भाषा का नहीं, अपितु कांग्रेस की अभिजात मानसिकता का मामला है जो कहती है कि सिर्फ एक परिवार ही देश पर राज कर सकता है. कोई पिछड़े तबके से प्रधानमंत्री बन जाता है तो वे उसे ‘चायवाला’ और ‘नीच’ कहते हैं. गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान शनिवार को होना है और आज शाम पांच बजे प्रचार समाप्त हो गया. दूसरे एवं अंतिम चरण का मतदान 14 दिसंबर को होना है तथा मतगणना 18 दिसंबर को होगी.

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