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क्यूनेट ने लाँच किया मोनोफ्लोरल हनी

नयी दिल्ली. डायरेक्टर सेलिंग कंपनी क्यूनेट ने भारत में एक ही प्रजाति के पौधो के परागकण से उत्पादित मोनोफ्लोरल हनी (शहद) लाँच करने की घोषणा की है. कंपनी ने आज यहां जारी बयान में कहा कि बीजीबी ब्रांड के तहत क्यूनेट के वेलनेस और उपभोक्ता उत्पाद वैश्विक स्तर पर बेचे जाते हैं और अब इसीके तहत भारत में मोनोफ्लोरल हनी लाँच किया गया है. यह पूरी से भारत में संग्रहित शहद है. इसकेे तहत तीन प्रकार के शहद है. पूर्वी भारत के वनों की जामुन शहद , निलगिरी की यूकलिप्टस शहद और पश्चिमी घाटों की भारतीय लारेल शहद शामिल है. उसने कहा कि बीजीबी मानोफ्लोरल हनी मुख्यत: एक ही प्रजाति के पौधा के नेक्टर से बना शहद है. अभी देश में आयातित मोनोफ्लोरल हनी बिक रहा है लेकिन अब यह भारत में संग्रहित किया जा रहा है. इसके लिए किसानों की सहकारी समितियां बनायी गयी है जो मधुमक्खी पालन करते हैं और क्यूनेट के लिए मोनोफ्लोरल नहीं का उत्पादन करते हैं. ग्राहक अब क्यूनेट के वितरक नेटवर्क के जरिये इस शहद को खरीद सकते हैं. क्यूनेट के ग्लोबल मुख्य कार्यकारी अधिकारी ट्रेवोर कुना ने कहा कि बीजीबी हनी प्राप्त करने में प्रयुक्त कुदरती हार्वेस्टिंग प्रक्रिया से सुनिश्चित होता है कि किसी भी मधुमक्खी को नुकसान नहीं पहुंचता तथा स्थानीय समुदायों को मदद की जाती है. जनजाति महिलाओं ने मधुमक्खी पालन को अपने बच्चों को खाद्यान्न सुरक्षा एवं पर्याप्त पोषण प्रदान करने का साधन पाया है. उन्होंने कहा कि आपूर्तिकर्ता कृषक समुदाय को मधुमक्खी के 2०० छत्ते दिए गये है और इससे किसानों की उत्पादकता में 40 फीसदी तक की वृद्धि हुयी है.

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