Navabharat – Hindi News Website
No Comments 34 Views

भारत ने किया आड खोजी मिसाइल का सफल परीक्षण

बालासोर. सुपर पावर बनने की दिशा में और एक कदम बढ़ाते हुए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने स्वदेशी तकनीक से विकसित एडवांस एरिया डिफेंस (आड) खोजी मिसाइल का आज ओडिशा तट पर स्थित अब्दुल कलाम द्वीप से सफलता परीक्षण किया. खोजी मिसाइलों का परीक्षण कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने और नष्ट करने के लिए किया जाता है. इन मिसाइलों का इस्तेमाल कम ऊंचाई में किसी भी आने वाली बैलिस्टिक मिसाइल को नष्ट करने में किया जा सकता है. बैलिस्टिक मिसाइलों के विरुद्ध मुख्य हथियार के तौर पर किया जाना है. सूत्रों ने बताया कि लक्ष्य मिसाइल नाम से जाने जानी वाली पृथ्वी मिसाइल को चांदीपुर के नजदीक समन्वित परीक्षण श्रेणी (आईटीआर) के लांच कॉम्प्लेक्स 3 से लॉन्च किया गया. आईटीआर सूत्रों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में स्थित अब्दुल कलाम द्वीप से खोजी मिसाइल परीक्षण के लिए छोड़ा गया जो जमीन से जमीन के लक्ष्य को भेदता हुआ स्वदेशी तकनीक से पुननिर्मित ‘पृथ्वी II’ को अपना निशाना बनाया. दुश्मन के मिसाइल के तौर पर तैनात किए हुए ‘पृथ्वी II’ को चंद मिनट पहले ही चांदीपुर स्थित आईटीआर से मोबाइल लांचर से छोड़ा गया था. आज के परीक्षण के साथ ही भारत विश्व का चौथा ऐसा देश बन गया है जो मिसाइल से मिसाइल को नष्ट कर सकता है. गौरतलब है कि मिसाइल से मिसाइल को नष्ट करने की क्षमता इसके पहले अमेरिका, रूस एवं इजरायल के पास ही थी और अब भारत भी इसमें शुमार हो गया है. यह इस साल किया गया तीसरा सुपरसोनिक इंटरसेप्टर परीक्षण था, जिसमें पृथ्वी के वायुमंडल के 30 किमी ऊंचाई के भीतर इंटरसेप्टर के द्वारा बैलिस्टिक मिसाइल का लक्ष्य सफलतापूर्वक रोक दिया गया. इससे पहले एक मार्च और 11 फरवरी, 2017 को दो परीक्षण हुए थे, जो पूर्ण बहु-परत बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली के प्रयासों के तहत किए गए थे. आड खोजी मिसाइल रेडियो फ्रिक्वेंशी के सहारे चांदीपुर से 70 किलोमीटर दूर जाकर नष्ट हुआ लेकिन उससे पहले लक्षित लक्ष्य मिसाइल को बंगाल की खाड़ी के उपर 30 किलोमीटर की ऊंचाई पर नष्ट भी कर दिया. मिसाइल की लंबाई 7.5 मीटर है और यह सिंगल स्टेज रॉकेट गाइडेड मिसाइल है. डीआरडीओ सूत्रों ने इस परीक्षण को अपनी शानदार उपलब्धि करार दिया. नेविगेशन प्रणाली के सुसज्जित इस मिसाइल में उच्च तकनीक कंप्यूटर और इलेक्ट्रो-मैकेनिकल उत्प्रेरक है. इंटरसेप्टर एक 7.5 मीटर लंबी एकल चरण ठोस रॉकेट चालित मिसाइल है जो नेविगेशन प्रणाली, एक उच्च तकनीक कंप्यूटर और एक इलेक्ट्रो-मैकेनिकल उत्प्रेरक के सहारे चलता है. इस अत्याधुनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का अपना मोबाइल लांचर, अवरोधन के लिए सुरक्षित डाटा लिंक, स्वतंत्र ट्रैकिंग और होमिंग क्षमताओं और परिष्कृत राडार भी है.

LEAVE YOUR COMMENT

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to Top