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हार्दिक के साथी ने लगाये गंभीर आरोप, कहा- आंदोलन के पैसे से खरीदे कई फ्लैट, पीते हैं शराब

गांधीनगर/अहमदाबाद. पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) नेता हार्दिक पटेल के करीबी सहयोगी तथा राजद्राेह के एक मामले में उनके साथ सह-आरोपी दिनेश बांभणिया ने आज आरोप लगाया कि हार्दिक ने हाल ने आंदोलन के लिए इकट्ठा किये गये धन से अपने लिए कई शहरों में फ्लैट खरीदे हैं तथा उन्होंने हाल में गुजरात विधानसभा चुनाव में बिना किसी को भरोसे में लिये कांग्रेस के साथ टिकटों की सौदेबाजी की थी. पास के कल से बोटाद में होने जा रहे कथित चिंतन शिविर से एक दिन पहले दिनेश ने यहां संवाददाता सम्मेलन में 30 लोगों की एक सूची भी जारी की और दावा किया कि इनके लिए हार्दिक ने कांग्रेस से गुपचुप टिकटों की मांग की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि हार्दिक ने आंदोलन के पैसे से अहमदाबाद, वीरमगाम, सूरत, वडोदरा, भरूच समेत अन्य स्थानों कई फ्लैट खरीदे हैं. उन्होंने कहा कि हार्दिक ने उनके और उनके करीबियों की सेक्स सीडी को षडयंत्र बताया था पर अब तक इस मामले में कोई पुलिस शिकायत क्यों नहीं दर्ज करायी है. वह दिन में मां-बहनों की रक्षा की बात करते हैं और रात को शराब पीकर खुद ही अय्याशी करते हैं. हार्दिक की रहस्यमय गुमशुदगी के दौरान वर्ष 2015 में आधी रात को हाई कोर्ट पहुंचने वाले दिनेश ने कहा कि वह यह भी जानना चाहते हैं कि आरक्षण आंदोलन में मारे गये 13 पाटीदारों के नाम पर जमा किये गये पैसे उनके परिजनों को हार्दिक कब देंगे. पास की नयी कोर कमेटी बनाने का क्या मतलब है. इसके नेता एक एक कर क्यों संगठन छोड़ रहे हैं. संगठन का मकसद क्या कांग्रेस के साथ जाकर भाजपा का विरोध करना है या समाज के लिए काम करना. चिंतन शिविर में लोगों को केवल टोकन के जरिये क्यों प्रवेश दिया जा रहा है और इसे हार्दिक की चुनावी सभाओं की तरह फेसबुल पर लाइव क्यों नहीं किया जा रहा.

मुझे खामोश करना है तो गोली मार दो – हार्दिक पटेल
पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) के नेता हार्दिक पटेल ने आज कहा कि आने वाले समय में उनके खिलाफ आयकर कानून समेत कई कानूनों के तहत मामले दर्ज किये जा सकते हैं पर उनकी आवाज को केवल उनकी हत्या कर ही खामोश किया जा सकता है. हार्दिक कल गुजरात के बोटाद में पास के चिंतन शिविर में भाग लेंगे जिसमें पाटीदार बहुल इलाकों में भाजपा की जीत समेत गुजरात विधानसभा चुनाव के परिणाम पर विस्तार से चर्चा होगी. इस बैठक में हंगामा होने की आशंका के चलते केवल चुनींदा लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है. इस बैठक से एक दिन पहले अपने एक करीबी साथी दिनेश बांभणिया की ओर से उनके खिलाफ लगाये गये आंदोलन के कोष में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद हार्दिक ने कहा कि पहले भी उन्हें बदनाम करने के कई प्रयास हुए हैं. जब वह जेल में थे तो भी उन्हें मानसिक रूप से तोड़ने का प्रयास किया गया था पर उन्हें खामोश करने का एक ही तरीका हो सकता है कि उन्हें नजदीक (प्वाइंट ब्लैंक रेंज) से गोली मार दी जाये. हालांकि उसके बाद भी वह तो खामोश हो जायेंगे पर उनकी विचारधारा बोलती रहेगी. उन्होंने कहा कि क्राइम ब्रांच ने जब पहली बार उनहें पकड़ा था तो भी उन पर करोड़ो की संपत्ति बनाने के आरोप लगे थे. उन्हे सेक्स सीडी जारी कर भी बदनाम करने का प्रयास किया गया. पर वह यह सब इसलिए सह रहे हैं क्योंकि वह गलत नहीं हैं. उनका जन्म गुलामी सहन करने के लिए नहीं हुआ है. वह 14 साल तक जेल में रहने को भी तैयार हैं.

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