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Sat05182013

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कोहली दिखाएं अपना 'विराट' पराक्रम

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नयी दिल्ली.गत वर्ष जबरदस्त फार्म दिखाने वाले और भविष्य के कप्तान कहे जा रहे विराट कोहली की फार्म में पिछले कुछ महीनों में भारी गिरावट देखने को मिली है और इसका सीधा असर टीम इंडिया की बल्लेबाजी पर पड़ रहा है. दिल्ली के बेहद प्रतिभाशाली विराट एकदिवसीय मैचों में बल्लेबाजी क्रम में तीसरे नंबर पर उतरते हैं जोकि बहुत महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है. गत वर्ष एकदिवसीय मैचों में भारत ने जो जीत हासिल की थी. उनमें इस स्थान पर विराट की जबरदस्त बल्लेबाजी की अहम भूमिका रही थी, लेकिन पिछले तीन महीनों में उनके प्रदर्शन में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. विराट के प्रदर्शन में इस गिरावट का असर टीम इंडिया के टेस्ट, वनडे और ट्वंटी-20 प्रदर्शन पर दिखाई दे रहा है. इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज और ट्वंटी-20 मैच तथा पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू ट्वंटी-20 और वनडे सीरीज में विराट का बल्ला उस तरह गेंदबाजी के सिर चढ़ कर नहीं बोला जिस तरह वह 2012 के पहले आठ महीनों में खेले थे. विराट अपनी पिछली पांच वनडे पारियों में 23, शून्य, छह, सात और 15 रन की बना पाए हैं. इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट में पहले वनडे में विराट सस्ते में आउट हुए जिसका असर अंत तक भारतीय बल्लेबाजी पर दिखाई दिया और भारत 325 रन के बडे स्कोर का पीछा करते हुए नौ रन से हार गया. इन पांच पारियों से पहले विराट की पिछली आठ पारियों को देखा जाए तो उसमें इस प्रतिभाशाली बल्लेबाज ने नाबाद 133, 108, 66, 183, 106, एक, 38 और नाबाद 128 जैसे बड़े स्कोर बनाए थे. इसी बल्लेबाजी के कारण उन्हें क्रिकेटर ऑफ द ईयर का पुरस्कार भी मिला था, लेकिन इन पारियों के बाद उनके बल्ले को जैसे नजर लग गई है. ट्वंटी-20 मैचों को देखा जाए तो विराट ने इंग्लैंड के खिलाफ दोमैचों में 21 और 28 रन तथा पाकिस्तान के खिलाफ दो मैचों में नौ और 27 रन बनाए हैं. ये दोनों सीरीज बराबरी पर छूटी थीं. इंग्लैंड के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज में विराट ने अहमदाबाद ने 19 और नाबाद 14, मुंबई में 19 और सात, कोलकाता में छह और 20 तथा नागपुर में 103 रन बनाए. नागपुर की उनकी शतकीय पारी के बाद पूर्व भारतीय कप्तानों सुनील गावस्कर और बिशन सिंह बेदी ने महेंद्र सिंह धोनी को कप्तानी से हटाकर विराट को कप्तान बनाने तक की सलाह दे डाली, लेकिन नागपुर टेस्ट के बाद चार ट्वंटी-20 और चार वनडे में विराट का प्रदर्शन ऐसा नहीं रहा, जिससे भारतीय बल्लेबाजी को मजबूती मिल सके. इन आठ मैचों में विराट ने 21, 38, नौ, 27, शून्य, छह, सात और 15 के मामूली स्कोर बनाए. विराट के इस कमजोर प्रदर्शन ने भारत के मध्यक्रम को खासा प्रभावित किया है. हालांकि उनकी प्रतिभा को देखते हुए अंतिम एकादश में उनके स्थान को अभी कोई खतरा नहीं है, लेकिन उन्हें इंग्लैंड के खिलापक वनडे सीरीज के शेष चार मैचों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा वर्ना उन पर सवाल उठने शुरू हो जाएंगे.