दबंग 2 - कहानी पर किरदार हावी
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- Saturday, 22 December 2012 00:38
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बेहतरीन एक्शन दृश्य, एक आइटम सॉन्ग व कुछ गीत, कुछ चुलबुली हरकतें और सलमान खान यदि फिल्म में हो तो निर्देशक का बोझ बहुत हद तक कम हो जाता है. यही वजह है कि दबंग के निर्देशक अभिनव कश्यप से खान ब्रदर्स में हुई झकझक के बाद दबंग-2 के निर्देशन की कमान अरबाज खान ने संभाल ली. सलमान खान के फैन्स को कहानी, स्क्रिप्ट और एडिटिंग से कोई मतलब नहीं होता, वो तो बस अपने सुपरस्टार को चुलबुली हरकतें और एक्शन करते हुए देखना चाहते हैं. यह सब कुछ दबंग-2 में भी है, सो दर्शकों को फिल्म पसंद आ रही है.
कहानी- दबंग-2 की कहानी वहीं से शुरू होती है, जहां से दबंग की कहानी खत्म हुई थी. लालगंज में छेदीसिंह को खत्म करने के बाद चुलबुल पांडे (सलमान खान) का ट्रांसफर कानपुर हो जाता है. वहां पहुंचने के बाद चुलबुल का सामना एमएलए बच्चा सिंह (प्रकाश राज) से होता है. यहां चुलबुल की सीधी टक्कर बच्चा सिंह से होती है. आखिर में कौन किस पर भारी पड़ता है, यह सभी जानते हैं.
किरदार : चुलबुल पांडे का किरदार फिल्म के दूसरे किरदारों पर इस कदर भारी पड़ा कि दूसरे किरदार बौने बनकर रह गए. फिल्म के मुख्य विलन बच्ची सिंह के किरदार में प्रकाश राज जैसे मंजे हुए ऐक्टर के लिए चंद डायलॉग और पिटने कि सीन्स रखे गए. सोनाक्षी बस शोपीस बनकर रह गईं.
निर्देशन : बतौर डायरेक्टर बेशक, अरबाज ने सलमान और विनोद खन्ना पर कई अच्छे इमोशनल सीन्स शूट किए.
संगीत : साजिद-वाजिद का संगीत रिलीज से पहले हिट है. बेशक, करीना पर फिल्माए आइटम नंबर फेविकोल में मुन्नी बदनाम जैसा जलवा दिखाई नहीं देता.
क्या देखें : इस फिल्म को देखने की दो वजह सलमान , सलमान और सलमान के अलावा बिना तर्क-वितर्क किए एंटरटेनमेंट का डोज लेना चाहते हैं तो फिल्म आपके लिए है. कुछ नया या लीक से हटकर देखने की चाह में थिएटर जा रहे हैं तो रुक जाएं वर्ना अपसेट होना तय है.
सलमान के कंधों
पर पूरा भार
बतौर निर्देशक अरबाज का काम काफी आसान रहा. उन्होंने बस देखा कि काम सही ढंग से हो रहा है या नहीं. फिल्म का ट्रीटमेंट उन्होंने बेहद हल्का-फुल्का रखा है. वैसे भी इन दिनों सलमान खान के सितारे चमक रहे हैं, वह यदि फिल्म में हैं तो बाकी सभी बातें गौण हो जाती है. फिल्म में कहानी के नाम पर कुछ नहीं है, न ही संवाद असरदार नजर आते हैं. कुछ हद तक फिल्म दबंग जैसी ही है. प्रकाशराज जैसे सशक्त अभिनेता का उपयोग भी सही तरीके से नहीं हुआ है. संगीत की बात की जाए तो दबंग के मुकाबले संगीत पक्ष भी कमजोर रहा है. करीना कपूर के आइटम नंबर थोड़ी तालियां बटोरते हैं. सलमान खान कॉमेडी और एक्शन में बेहद जमे हैं. सलमान खान पर ही पूरी फिल्म का भार था. बीच-बीच में सोनाक्षी सिन्हा नजर आ जाती हैं, जिससे पता चलता है कि वह भी फिल्म का हिस्सा है. फिल्म की कहानी पर किरदार यानी सलमान खान भारी है. यदि आप सलमान की चुलबुली हरकतों को पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपको पसंद आएगी.






