शनि की साढ़े साती से घबरायें नहीं
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- Friday, 26 April 2013 23:26
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विश्व में प्रचलित प्रत्येक आध्यात्म मनुष्य द्वारा सम्पादित कर्म और उसकी प्रकृति के आधार पर ही सुख और दुख प्राप्त होने की पुष्टि करता है. शायद यही कारण है, कि किसी भी युग में सत्कर्म करने वालों की संख्या हमेशा ज्यादा रही है.भारतीय आध्यात्म में कर्म और उसकी प्रकृति को ही सबसे महत्वपूर्ण माना गया है. मनुष्य कितना भी आध्यात्मिक या ईश्वर की आराधना करने वाला क्यों न हो, भारतीय आध्यात्म की दृष्टि में वह ईश्वर की प्राप्ति तभी कर सकता है, जब वह सत्कर्मी हो. समय-समय पर मनुष्य को सत्कर्म करने के लिये विभिन्न तरीकों प्रेरित किया जाता रहा, लेकिन युगों से मनुष्य को सत्कर्म या दुष्कर्म करने पर मिलने वाले प्रतिसाद या दंड का बोध कराने वाले शनिदेव से सभी...
जब मंगल हो अशुभ तो करें यह उपाय
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- Saturday, 13 April 2013 02:20
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जैसे:- जब कोई व्यक्ति बहुत मेहनत कर रहा है. परन्तु योग्य होने पर भी उसे पदोन्नति की प्राप्ति नहीं हो रही है तो इस स्थिति में एकादश भाव के स्वामी ग्रह के उपाय करने से या फिर मंगल के उपाय करने से मनोवांछित फल प्राप्त होने की संभावना बनती है. इस प्रकार कारक ग्रह के उपाय करने पर संबन्धित उद्धेश्य की प्राप्ति होती है. आईये देखे की कुण्डली या गोचर में...
मांगलिक कार्यों के लिए अभी इंतजार एक माह और...!
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- Saturday, 30 March 2013 00:20
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गरियाबंद. होलाष्टक समाप्त होने के बाद मांगलिक कार्य करने की इच्छा रखने वालों को एक माह और इंतजार करना पड़ेगा. पहले होलाष्टक समाप्त होते ही मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाते थे, लेकिन इस वर्ष मीन राशि में सूर्य होने के कारण इतना लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. अब विवाह के लिए शुभ मुहूर्त 29 अपै्रल को है. इससे पहले 6 फरवरी को शुभ मुहूर्त था....
विशेषताओं भरे सात पर्वत
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- Saturday, 23 March 2013 01:14
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1 मानव जाति के सात पर्वत प्रकारों में सबसे पहला वृहस्पति है. इसकी पहचान विकसित पर्वत और वृहस्पति की अंगुली से होती है. बृहस्पति का प्रतीक महत्वकांक्षी और मनुष्यों का नेता होता है. उसकी प्रभावशाली उपस्थिति और उच्च पदों के लिए उसकी लालसा उसे प्राय: राजनीतिज्ञ बना देती है. उसे सेना में भी देखा जा सकता है, क्योंकि सेना में भी उसे उच्च पद और हुक्म...
सौन्दर्य का स्वामी डूबेगा सूर्य में
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- Friday, 15 February 2013 23:42
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ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को मुख्य रूप से मनुष्य के सौन्दर्य और ऐश्वर्य का कारक माना गया है. किसी भी जातक की लग्न कुंडली में शुक्र की श्रेष्ठ स्थिति उसे सुन्दर तो बनाती ही है, साथ ही धनवान और ऐश्वर्य से युक्त भी बनाती है. शुक्र का प्रबल और शुभ अवस्था में होना मनुष्य के जीवन को सुगम और सार्थक बनाता...
शनि बनाता है कामुक और धनवान
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- Saturday, 02 February 2013 00:24
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शनि ऐसा ग्रह है जिसके प्रति सभी का डर सदैव बना रहता है. आपकी कुंडली में शनि किस भाव में है, इससे आपके पूरे जीवन की दिशा, सुख, दुख आदि सभी बात निर्धारित हो जाती है. जानिए शनि आपकी कुंडली के किस भाव में है और उसका आप कैसा असर होता है. जिस व्यक्ति की कुंडली में शनि प्रथम भाव में हो वह व्यक्ति राजा के समान जीवन जीने वाला होता है. यदि शनि अशुभ फल देने...




