बेबी सिटर ममता भरा कैरियर
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- Monday, 21 January 2013 23:57
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किसी के बच्चे की देखरेख करना और वो भी अपने बच्चे की तरह.एक ओर जहां इस तरह के काम करने में आपको आत्म संतुष्टि मिलेगी वहीं दूसरी तरफ आपको आय के साथ मां की ममता भी लुटाने को मिलेगा. इस काम को करने के लिए आपके पास खास तरह की डिग्री या योग्यता की जरूरत नहीं है. बस अपनी ममता भरी पहचान से आप भी एक अच्छा कैरियर विकल्प चुन सकती हंै. बच्चा सम्भालना एक दायित्व भरा काम है और आपको काम के साथ सम्मान भी मिलता है. आकांक्षी खुद को इस क्षेत्र में प्रशिक्षित करने के बाद इस क्षेत्र में बेहतर भविष्य बना सकते...
समझदार टिंकू
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- Wednesday, 11 July 2012 01:34
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एक था टिंकू. मम्मी-पापा का दुलारा. क्लास में हमेशा फर्स्ट आता. सब कहते कि टिंकू बड़ा स्मार्ट है लेकिन इन दिनों उसने एक बुरी आदत सीख ली थी. जब भी मम्मी के साथ मार्केट जाता, कभी उड़ने वाला हवाई जहाज देखकर मचलने लगता, कभी आइसक्रीम के लिए जिद करने लगता. मम्मी अगर मना करे, तो रूठ जाता. तंग आकर मम्मी उसकी पसंद की चाजें खरीद ही देतीं. बाद में मम्मी समझाती...
सच्ची दोस्ती
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- Tuesday, 10 July 2012 01:07
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नदी किनारे एक बहुत बड़ा जंगल था, शुभवन. उसमें तरह-तरह के पेड़ लगे हुए थे. उन पेड़ों पर कई तरह के पक्षी रहते थे. आम के पेड़ पर एक कोयल रहती थी. उसका नाम था कुक्कू. कुक्कू बड़ा ही मीठा गाना गाती थी.अपने गाने के लिए वो जंगल भर में मशहूर थी. कुक्कू कोयल में एक और बहुत बड़ा गुण था. वह हर किसी की मदद करने को हमेशा तैयार रहती थी. कुक्कू के इस स्वभाव के कारण...
सूरज की चोरी
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- Saturday, 07 July 2012 00:53
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बहुत बहुत समय पहले कुछ दुष्ट राक्षसों ने सोचा कि क्यों न सूरज को ही चुरा लिया जाए. वे चाहते थे कि सूरज केवल उनके पास रहे और उनके लिये चमके और बस उन्हें ही गर्मी दे. उन्हें बाकि की दुनिया की जरा भी चिन्ता न थी कि बाकि के स्थानों के लोग क्या करेंगे सूरज के बिना? जब उन्होंने सूरज चुराने का निर्णय कर ही लिया तब उन्होंने एक आसमान तक पहुंचने वाली...
गुरू और शिष्य
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- Wednesday, 04 July 2012 00:36
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एक युवा धनुर्धर ने अपने गुरु से धनुर्विद्या सीखी और जल्दी ही वह बहुत अच्छा निशाना लगाने लगा. तीर चलाने में वह इतना निपुण हो गया था कि अपने साथी से पूछता था कि बोलो कहां निशाना लगाना है. साथी बताते कि फलां पेड़ या फलां फल को गिराकर बताओ और वह धनुर्धर तुरंत ही वैसा करके दिखा देता. अपनी इस विधा पर धनुर्धर फूला नहीं समा रहा था. सफलता सर चढ़कर बोलने लगी....
जैसी करनी,वैसी भरनी
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- Tuesday, 03 July 2012 00:41
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एक दिन की बात है. भोंदूराम ऊंट की तबियत खराब चल रही थी. वह बैठा आराम कर रहा था. काना सियार जिद करके ऊंट को नदी के उस पार ले गया. एक खेत में घुसकर खुद तो जमकर खा पी लिया , लेकिन जब ऊंट खाने लगा , तो काना सियार अपनी हरकत पर उतर आया और कहने लगा , ' मुझे हुंआ-हुंआ चिल्लाने का मन कर रहा है. ' ऊंट ने लाख समझाया कि अभी उसका पेट नहीं भरा है. खुराक पूरी...
राजकुमारी और राक्षस
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- Saturday, 30 June 2012 00:17
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एक राजा की तीन बेटियां थीं. तीनों बेहद खूबसूरत थीं. सबसे बड़ी़ बेटी का नाम आहना उससे छोटी याना और सबसे छोटी का नाम सारा था. एक बार तीनों अपने राज्य के जंगल में घूमने निकलीं. अचानक तूफान आ गया. उनके साथ आया सुरक्षा दल इधर-उधर बिखर गया. वे तीनो जंगल में भटक गई थीं. थोड़ी दूर चलने पर उन्हें एक महल दिखाई दिया. अंदर जाकर देखा तो वहां कोई नहीं था....
पेड़-पौधों से दोस्ती
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- Thursday, 28 June 2012 00:10
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राजू और बन्टी बड़े अच्छे दोस्त थे. दोनों रोजाना शाम को पार्क में अपने दूसरे दोस्तों के साथ खूब खेलते और मस्ती किया करते थे. बन्टी समझदार था, लेकिन राजू थोड़ा लापरवाह. राजू को खेल-कूद के अलावा कुछ भी नहीं सूझता था. उसकी मॉम उसे कई बार डांट भी चुकी थीं. वह उससे बार-बार कहतीं- बेटे, छुट्टियों का मतलब यह नहीं होता कि तुम सारे दिन खेलते रहो. तुम्हें...




